सीधी, मध्य प्रदेश. ये तस्वीरें एक दबंग दरोगा की हैवानियत को दिखाती हैं। एक तरफ कोरोना काल में पुलिस लोगों की मदद के लिए ड्यूटी के अलावा सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रही है, वहीं यहां खाकी ने गुंडों से बर्ताव किया। मामला सीधी जिले के अमिलिया थाने से जुड़ा है। यहां के थाना प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने किसी चोरी के मामले में दो महिलाओं को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उनकी जमकर पिटाई की। उनक हाथ-पैरों के निशान दरोगाजी की हैवानियत को दिखाते हैं। महिलाएं आपस में मां-बेटी हैं। दरोगाजी ने बेटी के डेढ़ साल के बेटे से भी पूछताछ की थी। इस मामले की शिकायत एसपी से की गई थी।

उठने-बैठने में भी तकलीफ..
अमिलिया थाने के प्रभारी हैं दीपक वाघेला। इन पर आरोप है कि इन्होंन रिश्ते में मां-बेटी लगने वाली दो महिलाओं को थाने में बुलाकर दो दिनों तक बेरहमी से पीटा। महिलाओं के शरीर पर हुए हरे-नीले और लाल निशान पुलिसिया टॉर्चर की कहानी बयां करते हैं। पिटाई के कारण महिलाएं उठ-बैठ भी नहीं पा रही हैं। इस संबंध में महिलाओं ने एसपी से शिकायत की है। एसपी ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

पीड़ित कल्पना पटेल ने बताया कि थाना प्रभारी ने उन पर चोरी का झूठा इल्जाम लगाया। दरोगाजी ने उनके डेढ़ साल के बच्चे से भी पूछताछ की। इसके बावजूद दरोगाजी उन्हें और उनकी मां पुटिया पटेल को थाने उठाकर ले गए। वहां दोनों की बेरहमी से पिटाई की। जब मामला बिगड़ते देखा, तो इलाज के लिए 2 हजार रुपए दिए। दरअसल, दरोगाजी को पता चल गया था कि मामला एसपी के पास जाने वाला है। 
  
बताते हैं कि कोदौर गांव की रहने वाली कल्पना का पड़ोसी से विवाद चल रहा है। इसी पर उसने चोरी का इल्जाम लगाया था। दरोगाजी चोरी कबूल करने का दबाव बना रहे  थे।

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