Pakistan Jaffar Express: बलूचिस्तान में एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला हुआ है। इस ट्रेन में किए गए ब्लास्ट से कई बोगियां पटरी से उतर गईं। यह हमला सिंध के सुल्तानकोट के पास किया गया। हादसे में कई लोग घायल हो गए।

Pakistan Jaffar Express: पाकिस्तान में क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर एक बार फिर हमला हुआ है। यह हादसा सुल्तानकोट के पास तब हुआ, जब पटरी पर रखे गए बम फट गए। धमाका इतना तेज था कि ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए और आसपास अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई यात्री घायल हुए हैं। चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के बाद फायरिंग की आवाजें भी सुनाई दीं। हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल इस रूट पर रेल सेवा रोक दी गई है। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि बम कहां और कैसे लगाया गया। 

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बलूच रिपब्लिक गार्ड्स ने ली जिम्मेदारी 

हमले की जिम्मेदारी बलूच विद्रोही समूह बलूच रिपब्लिक गार्ड्स ने ली है। इस समूह के एक प्रवक्ता ने एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा है, "हम शिकारपुर-बीआरजी में जाफर एक्सप्रेस पर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी लेते हैं। आज, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स के स्वतंत्रता सेनानियों ने शिकारपुर और जैकोबाबाद के बीच स्थित सुल्तान कोट में रिमोट-कंट्रोल IED विस्फोट के साथ जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया। ट्रेन पर उस समय हमला किया गया जब कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना के जवान उसमें यात्रा कर रहे थे। विस्फोट के कारण कई सैनिक मारे गए और घायल हो गए, और ट्रेन के छह डिब्बे पटरी से उतर गए। BRG इस हमले की जिम्मेदारी लेता है और घोषणा करता है कि बलूचिस्तान की आजादी तक ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे।"

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पहले भी कई बार बनाया जा चुका है निशाना

जाफर एक्सप्रेस को इस साल मार्च से कई बार निशाना बनाया गया है। पिछला हमला 24 सितंबर को मस्तुंग के स्पिजेंड इलाके में हुआ था, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए थे। बता दें कि साल की शुरुआत में, क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी की मजीद ब्रिगेड ने अगवा कर लिया था और 400 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। 11 मार्च को बलूचिस्तान के बोलन दर्रे के ढाबर इलाके में पटरी उड़ा दी गई थी, जिससे ट्रेन रोकनी पड़ी। सुरक्षा बलों और रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि यह हमला बोलन दर्रे की सुरंग संख्या 8 के पास हुआ था।