बीजेपी नेता दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा- राहुल गांधी सपने देखते हैं और उन्हें बयान बना देते हैं, जिन्हें कोई भरोसा नहीं करता। उन्होंने बंगाल में बढ़ते अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताई।

पश्चिम मेदिनीपुर: बीजेपी नेता दिलीप घोष ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वोट चोरी के उनके नए आरोपों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी "रात में सपने देखते हैं और सुबह उन्हें बयान बनाकर पेश कर देते हैं।"

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घोष ने कहा, "मुझे नहीं पता कि राहुल गांधी क्या खाते हैं या रात में कब सोते हैं। लेकिन वो सपने देखते हैं, और सुबह उन सपनों को बयान के तौर पर पेश कर देते हैं। उन्होंने खुद को एक मज़ाक का पात्र बना लिया है। कोई उन पर भरोसा नहीं करता, यहाँ तक कि मीडिया भी नहीं। इसीलिए वो विदेश जाकर बयान देते हैं। वो गायब हो जाते हैं और फिर वापस आ जाते हैं। राजनीति ऐसे नहीं चलती।"

यह बयान राहुल गांधी के कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी की कोशिश के नए आरोपों के बाद आया है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र से 6,000 से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई थी।

घोष ने कहा- नौटंकी से राजनीति नहीं चलती राहुल जी

राहुल गांधी की पहले की "हाइड्रोजन बम" वाली टिप्पणी पर तंज कसते हुए घोष ने कहा, "वो हर दिन एक हाइड्रोजन बम या एटम बम फोड़ते हैं। लेकिन हो ये रहा है कि उनकी पार्टी ही गायब हो रही है। राजनीति नौटंकी से नहीं चलती। वो लोगों के बीच दिखते नहीं हैं। वो मलेशिया, इंडोनेशिया घूमते रहते हैं... ऐसे लोग आपका समर्थन नहीं करेंगे।"

उन्होंने राहुल गांधी पर सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने और संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा, "वो सुप्रीम कोर्ट पर हमला करते हैं, संसद का समय बर्बाद करते हैं, और अब चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं। जब उनकी पार्टी का शासन था, तब सब कुछ ठीक था। चुनाव आयोग स्वतंत्र है, और वहां बैठे लोग काबिल हैं। अगर आपकी पार्टी हार जाती है, तो आयोग इसमें क्या कर सकता है?"

ममता बनर्जी सरकार पर जमकर बरसे घोष

घोष ने पश्चिम बंगाल में बढ़ते अपराध, खासकर महिलाओं के खिलाफ, पर भी चिंता जताई और कहा, "बलात्कार की घटनाएं अब सिर्फ कॉलेजों तक सीमित नहीं हैं। अब तो स्कूल जाने वाले छात्रों पर भी हमले हो रहे हैं। ऐसी घटनाएं स्कूलों और गांवों में हो रही हैं, फिर भी ममता बनर्जी, एक महिला होने के बावजूद, न तो कोई कार्रवाई कर रही हैं और न ही कोई बयान दे रही हैं। लोग पुलिस या शिक्षकों पर भरोसा नहीं कर सकते... तो वे किस पर भरोसा करेंगे? माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल कैसे भेजेंगे?"
घोष ने 22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होने वाले आगामी जीएसटी सुधार का भी स्वागत किया और कहा, “मैं इस जीएसटी सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देता हूं। खासकर पश्चिम बंगाल में, लोग ज़्यादा सामान खरीद पाएंगे।”