शिवसेना में टूट के बाद लोकसभा चुनाव पहला बड़ा चुनाव है। यह दोनों गुटों को खुद को असली शिवसेना साबित करने का मौका है। 13 सीटों पर दोनों गुटों की आमने-सामने की टक्कर हुई है। 

मुंबई। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आने वाले हैं। महाराष्ट्र में सेना बनाम सेना की लड़ाई के चलते मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। शिवसेना के दोनों गुट के बीच इस बात की लड़ाई है कि कौन असली है। 2022 में पार्टी में हुई टूट के बाद यह पहला चुनाव है। इसमें मिली जीत से तय हो जाएगा कि जनता की नजर में असली शिवसेना कौन है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शिवसेना के एक गुट का नेतृत्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। वहीं, दूसरे गुट का नेतृत्व पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के पास है। महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। इनमें से 13 सीटों पर शिवसेना के दोनों गुटों के बीच टक्कर हुई है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के अनुसार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को पांच सीटें मिलने की संभावना है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट को तीन सीटें मिल सकती हैं। बाकी पांच सीटों पर कड़ी टक्कर का अनुमान है।

शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को मिल सकती हैं 7-10 सीटें

कुल मिलाकर शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने 15 और 21 सीटों पर चुनाव लड़े हैं। जन की बात के एग्जिट पोल के अनुसार महाराष्ट्र में भाजपा को 25-27, NCP (शरद पवार) को 2-4, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को 7-10, RSP को 0-1, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) को 9-3, कांग्रेस को 3-2 और NCP (शरद पावर) को 5-4 सीटें मिलने का अनुमान है।

इंडिया टुडे के एग्जिट पोल के अनुसार शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को 8-10 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को 9-11 सीटें मिलने की संभावना है। वोट शेयर के मामले में शिंदे गुट को 13% वोट मिलने की संभावना है। दूसरे गुट को 20% तक वोट मिल सकता है।

यह भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने लिया मौसम से सबक, कहा-2029 में नहीं दोहराएंगे ऐसी गलती...

बता दें कि 2022 में एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी थी। वह अपने समर्थक 40 विधायकों को साथ लेकर पार्टी से हट गए थे। इसके चलते उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। भाजपा के समर्थन से नई सरकार बनी। एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। पार्टी में हुई टूट के बाद लोकसभा चुनाव दोनों गुटों की लोकप्रियता का टेस्ट करने वाला पहला बड़ा चुनाव है।

यह भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2024: जानें कैसे होती है वोटों की गिनती, कैसे देख सकते हैं रिजल्ट