मणिपुर में उग्रवादियों ने सेना और पुलिस के जवानों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। इस हमले में सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं।

इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की आग भड़क गई है। सोमवार को चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और कई लोगों को जख्मी कर दिया गया। इस बीच खबर आई है कि राज्य में उग्रवादियों के साथ लड़ाई में सुरक्षाबलों के सात जवान घायल हो गए हैं। इनमें चार पुलिस कमांडो और तीन बीएसएफ के सैनिक हैं।

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पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर है। सोमवार को मणिपुर में नए साल का पहला दिन रक्तरंजित बीता था। गोली मारकर चार लोगों की हत्या कर दी गई। हिंसा में कई और लोग घायल हुए। इसके बाद पांच राज्यों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

मुख्यमंत्री ने लोगों से की अपील, अपराधियों को पकड़ने में करें मदद

मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने सोमवार को वीडियो जारी कर हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "निर्दोष लोगों की हत्या पर मैं अपना गहरा दुख व्यक्त कर रहा हूं। हमने हिंसा करने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजा है। लिलॉन्ग (जहां हिंसा हुई) के लोगों से मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अपराधियों को पकड़ने में सरकार की मदद करें। मैं वादा करता हूं सरकार कानून के अनुसार जितनी उसकी शक्ति है न्याय दिलाने लिए पूरा दम लगाएगी।"

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अधिकारियों ने बताया कि ताजा हिंसा के बाद थौबल, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। पिछले सप्ताह मोरेह में संदिग्ध विद्रोहियों के साथ गोलीबारी में चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।

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