जम्मू कश्मीर प्रशासन ने आतकंवादी संगठनों के सहयोगी के रूप में कथित तौर पर काम करने को लेकर हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों और दो पुलिस कर्मियों सहित 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है। कश्मीर में टेरर फंडिंग केस में एनआईए लगातार रेड कर रही है। एक दिन पहले कश्मीर में आतंकियों की मदद के आरोप में 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था। एनआईए ने आधा दर्जन से अधिक जगहों पर छापामारी करते हुए कम से कम छह लोगों को गिरफ्तार किया है। 
एनआईए सूत्रों के अनुसार अनंतनाग में चार जगहों तो श्रीनगर में एक जगह पर छापेमारी हो रही है। 

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आतंकियों को फंडिंग के मामले में एनआईए को अहम सुराग

टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए को महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं। एक दिन पहले ही जम्मू कश्मीर प्रशासन ने आतकंवादी संगठनों के सहयोगी के रूप में कथित तौर पर काम करने को लेकर हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों और दो पुलिस कर्मियों सहित 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है।
अधिकारी ने बताया कि बर्खास्त किये गये कर्मचारी शिक्षा, पुलिस, कृषि, कौशल विकास, बिजली, स्वास्थ्य विभाग तथा एसकेआईएमएस (शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से थे। अधिकारियों ने बताया कि इन 11 कर्मचारियों में अनंतनाग से चार, बडगाम से तीन और बारामूला, श्रीनगर, पुलवामा तथा कुपवाड़ा से एक-एक हैं। उन्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत बर्खास्त किया गया है। 

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