केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और भारतीय वायुसेना को स्वदेशी क्षमताओं के जरिए दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेना में बदलने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन चुनौतियों का करारा जवाब देने के लिए भी तैयार है।

नई दिल्ली [भारत], 30 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को एक आत्मनिर्भर रक्षा इकोसिस्टम बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि संकल्प 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना और स्वदेशी क्षमताओं और नवाचार के माध्यम से भारतीय वायु सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेना में बदलना है।

शांति के पुजारी, पर संप्रभुता पर हमले का देंगे करारा जवाब

रक्षा क्षेत्र से जुड़े एक कार्यक्रम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सेठ ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत में विश्वास किया है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। सेठ ने कहा, "भारत की संस्कृति हमें शांति और मानवता के कल्याण की शिक्षा देती है। लेकिन जब कोई आतंकवाद के जरिए हमें धमकाने की कोशिश करता है या देश पर बुरी नजर डालता है, तो हम भगवान शिव के तांडव की भावना से जवाब देना भी जानते हैं।"

आत्मनिर्भर भारत से वायुसेना बनेगी सबसे शक्तिशाली

रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि देश का संकल्प भारतीय वायु सेना को स्वदेशी क्षमताओं के माध्यम से दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं में से एक बनाना है। उन्होंने कहा, "आज दुनिया भारत की ओर देख रही है। यह सिर्फ एक सपना नहीं है, बल्कि एक संकल्प और दृढ़ संकल्प है जो कभी अधूरा नहीं रहेगा।"

रक्षा उद्योगों, स्टार्टअप और शिक्षाविदों की अहम भूमिका

सेठ ने भविष्य की सैन्य क्षमताओं के निर्माण में रक्षा उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "सीमा पर लड़ने वाला एक सैनिक कभी अकेला नहीं होता। उसकी जीत की कहानी आपके कारखानों में लिखी जाती है। आज हम जो तकनीक विकसित करते हैं, वह कल हमारी सेनाओं की ताकत तय करेगी।"

उन्होंने रक्षा निर्माताओं और इनोवेटर्स से भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं और उभरती टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी हासिल करने में देरी से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। सेठ ने कहा, "दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। हम जो हासिल कर चुके हैं, उससे संतुष्ट नहीं हो सकते; हमें आगे बढ़ते रहना होगा।"

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रशंसा करते हुए सेठ ने कहा कि भारतीय उद्यमी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे स्टार्टअप विश्व स्तर पर किसी भी स्टार्टअप से कम नहीं हैं। भारत के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा भविष्य के निर्माण में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी।"

भारतीय सशस्त्र बलों की अनूठी भावना की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सेठ ने कहा, "दुनिया हमें सिखाती है कि 1+1 दो होते हैं, लेकिन भारतीय सेना के लिए 1+1 ग्यारह होते हैं। यह टीम वर्क, प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प की शक्ति है।"

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

मंत्री ने भारत की जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि रक्षा में नवाचार देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करेगा।

बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और रक्षा में भारत की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सेठ ने कहा कि देश ने उल्लेखनीय प्रगति देखी है और उसे इसी गति को बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा 2047 तक एक विकसित भारत का सपना लेकर चल रहा है और देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेठ ने कहा, "आज आप जो नवाचार करते हैं, उन्हें आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। देश आपके साथ खड़ा है, और 140 करोड़ भारतीय आपके साथ खड़े हैं।" (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianet Newsable English staff and is published from a syndicated feed.)