केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन दिनों अपने बयानों को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। हरियाणा में गुरुवार को भी नितिन गडकरी का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोहना। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन दिनों अपने बयानों को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। हरियाणा में गुरुवार को भी नितिन गडकरी का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे शादी के कुछ दिनों बाद ही बड़ी असमंजस में फंस गए थे। लेकिन बिना किसी को बताए ऐसा फैसला लिया जो उनके संबंधों को बिगाड़ सकते थे। हालांकि, सही काम करने से वह पीछे नहीं हटे और नतीजा सारे संबंध बचे रहे। 

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एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने गए थे गडकरी

दरअसल, केंद्रीय नितिन गडकरी गुरुवार को देश की राजधानी दिल्ली को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण का इंस्पेक्शन करने पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद वह हरियाणा के सोहना में एक कार्यक्रम में भी पहुंचे। 

शादी के बाद ही जब ससुर का घर गिराना पड़ा 

गडकरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने से जुड़ा एक संस्मरण सुनाया। उन्होंने बताया कि राज्य में एक बड़ी सड़क परियोजना पर काम चल रहा था। उस परियोजना में उनके ससुर का घर ही बाधक बन रहा था। बिना घर गिरवाए वह परियोजना पूरा ही नहीं होती। ऐसे में उन्होंने बिना देर किए अपने ससुर का घर बुलडोजर लगवाकर गिरवा दिया। गडकरी ने बताया कि उनकी अभी नई नई ही शादी हुई थी। उन्होंने अपनी पत्नी को भी नहीं बताया कि घर पर बुलडोजर चलवा दिया। हालांकि, बाद में यह सब बताया। 

गडकरी ने यह किस्सा तक सुनाया जब उनको अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उनकी पत्नी का घर एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में आ रहा था।अधिकारी कुछ समझ नहीं पा रहे थे, जानकारी होने पर राव इंद्रजीत सिंह ने ही स्वयं आगे बढ़कर अपना घर तोड़ने का आदेश दिया। 
गडकरी ने कहा कि आपने जो किया वह मैंने भी किया था। उन्होंने कहा कि नेताओं को यही करना चाहिए, अतिक्रमण बचाने का पाप नहीं करना चाहिए।