प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान ने अपने दूसरे सर्वोच्च सम्मान 'द फर्स्ट क्लास ऑफ द ऑर्डर ऑफ ओमान'से नवाजा है। उन्हें ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने यह सम्मान दिया।

PM Modi Oman Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान ने अपने दूसरे सर्वोच्च सम्मान 'द फर्स्ट क्लास ऑफ द ऑर्डर ऑफ ओमान'से नवाजा है। उन्हें ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने यह सम्मान दिया। बता दें कि इससे पहले यह अवॉर्ड ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ, क्वीन मैक्सिमा, सम्राट अकिहितो, नेल्सन मंडेला और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला को ही दिया गया है। यह PM मोदी के लिए 29वां ग्लोबल सम्मान है।

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ओमान से कई सेक्टर्स पर हुआ व्यापार समझौता 

इससे पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए। समझौते से भारत के टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, फुटवियर, रिन्युएबल एनर्जी और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। इससे पहले पीएम ने बताया कि भारत और ओमान के बीच होने वाला व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती प्रदान करेगा।

पीएम मोदी ओमान में भारतीय समुदाय से भी मिले

पीएम मोदी ने राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा, भारत में विविधता हमारी संस्कृति का मजबूत आधार है। हमारे लिए हर दिन नए रंग लेकर आता है, हर मौसम एक नया त्योहार बन जाता है, हर परंपरा एक नए विचार के साथ आती है। यही कारण है कि हम भारतीय जहां भी जाते हैं, जहां भी रहते हैं, विविधता का सम्मान करते हैं। बता दें कि पीएम मोदी 17 दिसंबर की शाम को ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर ओमान के रक्षा मामलों के उप प्रधानमंत्री सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने उनका स्वागत किया। रात में सईद ने पीएम मोदी के लिए डिनर भी रखा।

मौसम बदल सकता है, भारत-ओमान की दोस्ती नहीं

पीएम मोदी ने कहा, आप उस विरासत के उत्तराधिकारी हैं जिसका सदियों पुराना समृद्ध इतिहास रहा है। सभ्यता की शुरुआत से ही हमारे पूर्वज एक-दूसरे के साथ समुद्री व्यापार करते आए हैं।" अकसर कहा जाता है कि समंदर के दोनों किनारे एक-दूसरे से बहुत दूर होते हैं। लेकिन मांडवी (गुजरात) और मस्कट के बीच स्थित अरब सागर एक मजबूत पुल बन गया है। एक ऐसा पुल, जिसने हमारे संबंधों को मजबूत किया है और हमारी सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है। आज हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें बदल सकती हैं, मौसम बदल सकता है, लेकिन भारत-ओमान की दोस्ती हमेशा मजबूत बनी रहेगी।