Ambulance Fuel Denial Death: बैरिया तहसील अंतर्गत तेंगरही गांव के पेट्रोल पंप पर 15 मिनट तक रुकी एम्बुलेंस को पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद ईंधन नहीं मिला, जिससे 50 वर्षीय मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। CCTV और जांच में लापरवाही उजागर हुई, मैनेजर पर FIR दर्ज, पेट्रोल पंप केस ने खड़ा किया रहस्य।

Ballia Petrol Pump Negligence Case: UP के बलिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिसमें 50 वर्षीय मरीज की मौत उस समय हो गई जब कथित तौर पर उसे अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस को रास्ते में ईंधन नहीं मिल सका। एम्बुलेंस पेट्रोल खत्म होने के बाद तेंगरही गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर लगभग 15 मिनट तक खड़ी रही, लेकिन वहां से उसे डीजल/पेट्रोल देने से इनकार कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि इसी देरी के कारण मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और उसकी जान चली गई। मामला UP के बलिया जिले का है।

“तेल नहीं है” या लापरवाही? स्टॉक होने के बावजूद इनकार

जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप पर पर्याप्त ईंधन मौजूद था। रिकॉर्ड के अनुसार उस दिन पंप पर करीब 4,595 लीटर मोटर स्पिरिट, 4,784 लीटर हाई-स्पीड डीजल और 3,475 लीटर प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध था। इसके बावजूद पंप मैनेजर ने एम्बुलेंस को ईंधन देने से मना किया। जांच के दौरान, मैनेजर ने स्वीकार किया कि 22 अप्रैल की रात करीब 9:20 बजे एक एम्बुलेंस पेट्रोल पंप पर तेल लेने आई थी और बताया था कि उसका पेट्रोल खत्म हो गया है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि तेल उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर उसे तेल नहीं दिया गया।

FIR दर्ज, प्रशासन सख्त-मैनेजर पर कानूनी शिकंजा

बलिया जिले के सप्लाई इंस्पेक्टर इंद्रेश कुमार तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने बैरिया तहसील अंतर्गत तेंगरही गांव में स्थित 'मेसर्स भूषण सर्विस स्टेशन' के मैनेजर अशोक कुमार भारती के खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।। जांच में बैरिया के एसडीएम और जिला सप्लाई अधिकारी सहित एक टीम शामिल रही, जिसने सीसीटीवी फुटेज और स्टॉक रजिस्टर की जांच की। FIR में कहा गया है कि कथित तौर पर एम्बुलेंस लगभग 15 मिनट तक पंप पर खड़ी रही। हालांकि, रिकॉर्ड से पता चला कि उस दिन पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद था, जिसमें 4,595 लीटर मोटर स्पिरिट, 4,784 लीटर हाई-स्पीड डीज़ल और 3,475 लीटर प्रीमियम पेट्रोल शामिल था। इससे यह संकेत मिलता है कि तेल उपलब्ध था, लेकिन उसकी सप्लाई नहीं की गई।

CCTV ने खोला राज, एम्बुलेंस की मौजूदगी की पुष्टि

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि एम्बुलेंस पेट्रोल पंप पर पहुंची थी और ईंधन की मांग की गई थी। लेकिन उसे बिना सहायता के वापस भेज दिया गया। जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए इंडियन ऑयल के प्रतिनिधियों को भी जांच में शामिल किया है।

Scroll to load tweet…

परिवार का दर्द: “अगर तेल मिल जाता, शायद जान बच जाती”

इससे पहले, ज़िला सप्लाई अधिकारी देवमणि मिश्रा ने बताया था कि बैरिया तहसील के पांडेपुर गांव के रहने वाले छत्थू शर्मा (50) 22 अप्रैल की रात को गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। उनका परिवार उन्हें एक निजी एम्बुलेंस से ज़िला अस्पताल ले जा रहा था, तभी रास्ते में एम्बुलेंस का तेल खत्म हो गया। परिवार का आरोप है कि पेट्रोल पंप की लापरवाही ने मरीज की जान ले ली। सर्किल ऑफिसर (बैरिया) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी मैनेजर की तलाश कर रही है।

प्रशासन की चेतावनी: होगी कड़ी कार्रवाई

जिला अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि CCTV फ़ुटेज से इस बात की पुष्टि हुई है कि एम्बुलेंस पेट्रोल पंप पर पहुंची थी और उसने ईंधन माँगा था, लेकिन उसे ईंधन नहीं दिया गया। पंप ऑपरेटर ने स्टॉक कम होने का बहाना बनाया था, लेकिन जांच में पता चला कि आउटलेट पर पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद था। जांच रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त ज़िलाधिकारी की देखरेख में एक टीम द्वारा जांच की गई। इस टीम में बैरिया के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और ज़िला सप्लाई अधिकारी शामिल थे। जांच के नतीजों के आधार पर, मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए।अधिकारियों ने बताया कि इंडियन ऑयल के प्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया है, और जाँच के नतीजों के आधार पर पेट्रोल पंप के ख़िलाफ़ आगे की कार्रवाई की सिफ़ारिश की जाएगी।