Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने SBI की अयोध्या शाखा पर सुरक्षा में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। SIT को दिए बयान में उन्होंने काउंटिंग प्रक्रिया और सुरक्षा नियमों पर सवाल उठाए।

Champat Rai SBI Allegations: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार मामले के एक नए पहलू पर सवाल उठाए हैं। विशेष जांच दल (SIT) को दिए अपने लिखित जवाब में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या शाखा पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। चंपत राय का दावा है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे चोरी की घटना संभव हुई। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

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SIT को दिए जवाब में SBI पर लगाए कई आरोप

चंपत राय ने एसआईटी के सामने पेश होकर लिखित बयान दिया। उनके अनुसार, ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए समझौते (MoU) में चढ़ावे की गिनती के दौरान सख्त सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान था। इसमें सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित काउंटिंग रूम और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने कर्मचारियों को कुर्सियों पर बैठकर मेज पर पैसे गिनने की सलाह दी, जबकि सुरक्षा संबंधी कई अन्य नियमों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि फरवरी 2025 में जारी संयुक्त दिशा-निर्देशों की भी अनदेखी की गई।

जेब वाले कपड़े और तलाशी नहीं होने पर उठाए सवाल

पूर्व महासचिव ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गिनती में लगे कर्मचारियों को जेब वाले कपड़े पहनने की अनुमति दी गई और काउंटिंग रूम में प्रवेश तथा बाहर निकलते समय उनकी तलाशी भी नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि बैंक के चेस्ट रूम में आमतौर पर सख्त सुरक्षा नियम लागू होते हैं, लेकिन मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान ऐसे नियम प्रभावी रूप से लागू नहीं किए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि गिनती में लगाए गए कुछ कर्मचारियों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में रखा गया था, जिस पर भी सवाल उठना चाहिए।

अंतिम रिपोर्ट का इंतजार, जांच जारी

चंपत राय ने यह भी कहा कि संबंधित दिशा-निर्देशों वाले पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। उनका कहना है कि यदि वह उस समय अयोध्या में नहीं थे, तो दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर के लिए इंतजार किया जाना चाहिए था।

गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी मामले में अब तक चढ़ावे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में कमियों और चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। वहीं, चंपत राय पहले ही नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और उन्होंने कहा है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों पर विस्तार से जवाब देंगे। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।