बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में दो पड़ोसी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हत्या की बात कबूली है।
बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के 4 लोगों की उनके ही घर के अंदर हुई हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, एक रिटायर्ड स्कूल टीचर और उनके परिवार के तीन लोगों की हत्या उस वक्त कर दी गई, जब उन्होंने दो पड़ोसियों को अपने घर की छत पर जाने और वहां ‘याबा’ ड्रग्स का सेवन करने से रोका। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध भी हिंदू हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या
शनिवार 22 अगस्त को रंगपुर के माचुआपारा इलाके में एक घर से चार लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मृतकों के चेहरों को किसी ज्वलनशील पदार्थ से जलाने की कोशिश की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
2 संदिग्ध पड़ोसी गिरफ्तार
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि हत्या के मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान 19 वर्षीय सिद्धार्थ दास और 23 वर्षीय मुग्धा दास के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आपस में ममेरे भाई हैं और पीड़ित परिवार के पड़ोसी बताए जा रहे हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों गुरुवार देर रात चक्रवर्ती परिवार के दो मंजिला घर की छत पर याबा का सेवन करने पहुंचे थे।
छत पर आवाज सुनकर बाहर आए थे गणपति चक्रवर्ती
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध जब घर की छत पर पहुंचे तो वहां से आवाज सुनकर गणपति चक्रवर्ती उन्हें देखने के लिए गए। ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि संदिग्धों ने गणपति चक्रवर्ती के पास मौजूद तौलिए का इस्तेमाल करके उनका गला घोंट दिया। इसके बाद शोर सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती भी छत की ओर गईं। पुलिस के मुताबिक, सीढ़ियों पर ही उन पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई।
बेटी और 12 साल के बेटे को भी बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, जब दंपति की 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि यह देखने के लिए कमरे से बाहर आईं कि आखिर क्या हुआ है, तो संदिग्धों ने उन पर भी हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों संदिग्धों और युवती के बीच कई मिनट तक संघर्ष हुआ। इसके बाद कथित तौर पर रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद परिवार के 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती की भी हत्या कर दी गई। जांचकर्ताओं का कहना है कि संदिग्धों को डर था कि बच्चा उन्हें पहचान सकता है।
हत्या के बाद पूरी रात घर में रुके रहे संदिग्ध
‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद ने बताया कि जांच में ऐसा सामने आया है कि दोनों संदिग्ध हत्या के बाद रातभर उसी घर में रुके रहे। पुलिस के मुताबिक, दोनों अगले दिन शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान घर से बाहर निकले। उस समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम थी, इसलिए उन्हें निकलने का मौका मिला।
घर में नहाया, खाना खाया और ड्रग्स ली
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद संदिग्धों ने घर के अंदर ही नहाया। उन्होंने परिवार के फ्रिज से खजूर और खीरा निकाला और खाया। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने घर के अंदर मौजूद नशीले पदार्थों का भी सेवन किया। पुलिस को ऐसे पदार्थ घर के अंदर एक मेज पर मिले हैं।
जांच को भटकाने सामान बिखेरा
पुलिस के मुताबिक, घर से निकलने से पहले दोनों संदिग्धों ने जांच को भटकाने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने अलमारी और दराजें खोल दीं और कपड़े तथा घर का अन्य सामान इधर-उधर बिखेर दिया। आरोप है कि दोनों ने परिवार के सोने के गहने भी लूट लिए। इसके अलावा परिवार के दो मोबाइल फोन को डिटर्जेंट मिले पानी में डुबोकर खराब करने की कोशिश की गई।
सोने की चूड़ी को आग से जांचने की कोशिश
‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि दोनों संदिग्धों ने आग का इस्तेमाल करके सोने की एक चूड़ी की जांच करने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ दास मछली का कारोबार करते हैं, जबकि मुग्धा दास सुनार का काम करते थे। जांच में इन दोनों पेशों से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
दोनों संदिग्धों ने हत्या की बात कबूली
पुलिस ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर सिद्धार्थ दास और मुग्धा दास को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ के दौरान हत्या में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार के घर से लूटे गए सोने के गहने बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य सबूतों को भी जुटा रही है।


