बांग्लादेश के रंगपुर में बंद घर से रिटायर्ड टीचर समेत एक ही परिवार के चार शव मिले। पुलिस को गला घोंटकर हत्या की आशंका है, CID और DB जांच में जुटी हैं।
बांग्लादेश के रंगपुर शहर से एक बेहद चौंकानेवाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के 4 लोगों के शव उनके घर से बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि चारों की गला घोंटकर हत्या की गई हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, सीआईडी (CID) और डिटेक्टिव ब्रांच (DB) की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुटी हुई हैं। बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं आम हो चुकी हैं। शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद से ही वहां हिंदुओं के प्रति घृणा तेजी से बढ़ी है, जिसमें अब तक हजारों हिंदुओं की हत्या हो चुकी है।
बंद घर के अंदर मिले चारों शव
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, रंगपुर शहर के दसपारा (मछुआपारा) इलाके में शनिवार रात करीब 11:30 बजे चारों शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड टीचर गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुई। इसके बाद घर के अलग-अलग हिस्सों से चारों के शव बरामद किए गए।
घर के अलग-अलग हिस्सों में मिले चारों के शव
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन सीआईडी के प्रभारी सुबीर चौधरी ने बताया कि मां और बेटी के शव घर के अंदर मिले, जबकि गणपति चक्रवर्ती का शव घर की छत पर मिला। वहीं, 12 वर्षीय प्रियम चक्रवर्ती का शव एक बेड के नीचे बरामद किया गया। शवों की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में गला घोंटकर हत्या की आशंका
सीआईडी अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आशंका है कि चारों की गला घोंटकर हत्या की गई है। माना जा रहा है कि यह घटना गुरुवार आधी रात से शुक्रवार सुबह के बीच किसी समय हुई होगी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गुरुवार रात से बंद थे परिवार के सभी मोबाइल फोन
पड़ोसियों और रिश्तेदारों के मुताबिक, गुरुवार रात से परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। मृतका प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी आखिरी बार गुरुवार दोपहर अपनी बहन से बात हुई थी। इसके बाद लगातार फोन बंद मिलने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई। शनिवार रात जब परिजन दसपारा स्थित घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मुख्य गेट बंद था और घर की सभी लाइटें बुझी हुई थीं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
रिटायरमेंट के बाद होम्योपैथी प्रैक्टिस कर रहे थे गणपति
परिवार की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने बताया कि गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल से पिछले साल 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथी प्रैक्टिशनर के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी ने इसी साल रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी विषय में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की थी। वहीं, 12 वर्षीय प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था।
4 साल पहले बनाया था तीन मंजिला घर
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परिवार करीब चार साल से दसपारा इलाके में रह रहा था। गणपति चक्रवर्ती ने यहां तीन मंजिला मकान बनवाया था, हालांकि उसके कुछ हिस्सों का निर्माण कार्य अभी बाकी था। इलाके के लोगों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और उनके साथ किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने कहा कि मामले की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच की टीमें मिलकर घटना की हर पहलू से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परिवार के चारों सदस्यों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।


