Nazia Khanam Death: दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की गर्भवती अधिकारी नाज़िया खानम की संदिग्ध मौत! पति का दावा- 'उसने खुद लगाई फांसी', पिता का आरोप- 'हत्या को दिया आत्महत्या का रूप'। जानिए बंद कमरे की इस खौफनाक मिस्ट्री का सच!
Delhi Pregnant Officer Death: देश की राजधानी दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाके द्वारका से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सिस्टम और समाज दोनों को सन्न कर दिया है। रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर तैनात 30 वर्षीय नाज़िया खानम का शव 21 अगस्त को उनके ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। सबसे ज़्यादा दर्दनाक बात यह है कि नाज़िया तीन महीने की गर्भवती थीं। एक तरफ जहां पुलिस इसे पहली नज़र में आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं मृतका के मायके वालों का दावा है कि यह एक "दिखावटी आत्महत्या" (Staged Suicide) यानी सोची-समझी हत्या है। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर चर्चित 'त्विशा केस' की कड़वी यादें ताज़ा कर दी हैं।
तीन महीने की गर्भवती थीं नाज़िया, फिर घर में क्या हुआ?
नाज़िया की शादी 11 अप्रैल 2026 को अजम अली खान से हुई थी। FIR में उनके पिता तोवाब खान ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही बेटी को पति और ससुराल के अन्य सदस्यों की ओर से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। परिवार का दावा है कि नाज़िया ने फोन पर कई बार उन्हें अपनी परेशानी बताई थी। पिता के मुताबिक, वह गर्भवती होने के बावजूद कथित प्रताड़ना से परेशान थीं। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकालने और जान से मारने तक की धमकियां दी जाती थीं।
पति का अजीबोगरीब दावा: कमरे में बंद किया और...मौत से पहले क्या हुआ था?
पुलिस जांच और दर्ज़ एफआईआर के मुताबिक, नाज़िया की शादी के महज चार महीने के भीतर ही खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। घटना के वक्त घर में मौजूद मृतका के पति ने पुलिस को जो बयान दिया, वह बेहद पेचीदा और कई सवाल खड़े करने वाला है। पति का दावा है कि घटना वाले दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। बहस के बाद नाज़िया ने उसे एक कमरे में बाहर से बंद कर दिया और खुद दूसरे कमरे में चली गई। पति ने आरोप लगाया कि उसने तुरंत मकान मालिक को कॉल किया, जिसके बाद मकान मालिक ने बालकनी में सीढ़ी लगाकर उसे कमरे से बाहर निकाला। पति का कहना है कि जब उसने खिड़की से झांककर देखा, तो नाज़िया छत के पंखे से चुन्नी के सहारे लटकी हुई मिली।
मायके वालों का आरोप: "ससुराल वालों ने मार डाला, रचा नाटक"
पति की इस कहानी को नाज़िया के परिवार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। नाज़िया के पिता तोवाब खान का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को पति अजम अली खान, सास सामिन निशा, ससुर बाबर अली खान और परिवार के अन्य लोग मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। तोवाब खान के अनुसार, "नाज़िया अक्सर फोन पर रो-रोकर अपने साथ हो रही मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों के बारे में बताती थी। वह गर्भवती थी, फिर भी उस पर ज़रा भी तरस नहीं खाया गया।" पिता का साफ़ आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर की है और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया। बिजवासन के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज, जांच में सामने आएगा सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। हाल ही में हुए विवाह और मृतका के गर्भवती होने के चलते फॉरेंसिक टीम और पुलिस हर उस पहलू को खंगाल रही है, जो इस मौत के सच से पर्दा उठा सके। क्या नाज़िया ने प्रताड़ना से तंग आकर इतना खौफनाक कदम उठाया, या फिर बंद कमरे के पीछे किसी गहरे षड्यंत्र को अंजाम दिया गया? यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा, लेकिन एक होनहार अफ़सर और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
‘दिखावटी आत्महत्या’ का दावा कितना सच?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नाज़िया की मौत के पीछे वास्तव में क्या हुआ था। परिवार इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने को तैयार नहीं है, जबकि पति के बयान में उन्हें फंदे पर पाए जाने की बात कही गई है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक जांच और पुलिस की विस्तृत पड़ताल ही यह स्पष्ट कर सकेगी कि नाज़िया की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिवार के आरोपों में कितनी सच्चाई है। परिवार द्वारा इस मामले की तुलना ‘त्विशा 2.0’ जैसे मामलों से किए जाने के बावजूद, दोनों घटनाओं को समान मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। फिलहाल इस केस में आरोप और तथ्य अलग-अलग हैं, और पुलिस की जांच ही अंतिम तस्वीर सामने लाएगी।
नोट: अगर इस खबर से जुड़ी घटना आपके या किसी परिचित के लिए भावनात्मक रूप से परेशान करने वाली हो, तो भारत सरकार की Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 पर 24x7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध है।


