पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस का कहना है कि सबूत जुटाने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की थी।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। यह घटना मंगलवार तड़के हुई, जब पुलिस उसे सबूत जुटाने के लिए क्राइम सीन पर ले गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभाष ने एक पुलिसवाले की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मार दी गई।

पुलिस टीम आरोपी को लेकर सुबह करीब 12:45 बजे सूर्यपुर हाट इलाके में पहुंची थी, जहां बच्ची का शव मिला था। जैसे ही कार्रवाई शुरू होने वाली थी, प्रभाष मंडल ने एक पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। उसने पुलिस टीम पर एक राउंड फायरिंग की और भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 4 जुलाई को लड़की लापता हुई थी और अगले दिन उसकी लाश एक बोरे में मिली थी। इस घटना के बाद इलाके में भारी गुस्सा और हिंसा भड़क उठी थी।
मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट
बच्ची का शव मिलने के बाद गुस्साई भीड़ ने सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसी हिंसा के दौरान, भीड़ ने अपराध में शामिल होने के शक में इंद्रजीत मंडल नाम के एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। हालांकि, पुलिस जांच में पता चला है कि इंद्रजीत मंडल पूरी तरह से निर्दोष था।
मामले पर बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद दखल दिया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने लड़की के परिवार से मिलने के बाद मीडिया से कहा कि अगर केस दर्ज करने या जांच में पुलिस की तरफ से एक प्रतिशत भी लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले करीब 200 उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और निर्दोष युवक की हत्या करने वालों पर हत्या का मुकदमा चलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सूर्यपुर में एक नई पुलिस चौकी बनाने और पीड़ित परिवार को ज़रूरी मुआवजा देने का भी भरोसा दिया है। मामले की जांच के लिए फिलहाल छह सदस्यों की एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है।
