Samrat Choudhary Big Statement : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्यों कहा मैं 24 घंटे में खाली कर दूंगा सीएम निवास? क्यों गरमाई बिहार की राजनीति? राबड़ी देवी के एक फैसले से बिहार की राजनीति में क्यों मचा बवाल?

Rabri Devi Bungalow Row : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को पूर्व सीएम राबड़ी देवी पर जमकर बरसे। राबड़ी देवी ने बेदखली का नोटिस मिलने के बाद भी 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करने से इनकार कर दिया है। इसी पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें हर वक्त सिर्फ अपना घर बचाने की फिक्र रहती है। 'सहयोग' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं कई बार मंत्री रहा हूं, और गृह विभाग का भी चार्ज संभाला है; फिर भी, मैं कभी सरकार के दिए घर में नहीं रहा।”

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  • सीएम सम्राट सिंह ने कहा कि "मैं अपने 24 स्क्वायर फीट के निजी आवास में रहता था। मैं प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार के कहने पर मुख्यमंत्री बना। मैंने नीतीश कुमार से यह पद नहीं मांगा था, बल्कि उन्होंने खुद मुझे मुख्यमंत्री की भूमिका संभालने के लिए कहा; और आज, मैं उस क्षमता में बिहार को आगे बढ़ा रहा हूं।"

जानिए क्या है राबडी़ देवी के घर का परा मामला

  • यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बिहार सरकार ने 29 मई को RJD नेता राबड़ी देवी को एक नोटिस जारी किया। इसमें उन्हें 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने के लिए कहा गया, जो अब बिहार के पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को अलॉट कर दिया गया है।
  •  बिहार सरकार के नोटिस के एक दिन बाद, RJD नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा था कि वह पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी। संवाददाताओं से बात करते हुए राबड़ी देवी ने जोर देकर कहा कि वह सरकार के निर्देश के बावजूद आवास में ही रहेंगी। राबड़ी देवी ने कहा, "वे जगह खाली कराने के लिए फोर्स बुला सकते हैं, लेकिन मैं यह जगह खाली नहीं करूंगी।

यह किसी निजी जागीर नहीं…सरकारी संपत्ति है

  • सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री आवास जनता का है और इसे किसी की निजी जागीर या पुश्तैनी संपत्ति नहीं माना जा सकता।
    उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री पद से हटने पर नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग वाला बंगला खाली कर दिया था--सरकार का यही नियम है। मुख्यमंत्री आवास में आते ही मैंने इसका नाम 'लोक सेवक आवास' रखवाया। मुख्यमंत्री का घर जनता का होता है। यह जगह किसी की निजी जागीर या बाप-दादा की संपत्ति नहीं है; यह कोई राजशाही नहीं है।

CM ने कहा मैं 24 घंटे में घर का समान पैक कर लूंगा

  • सीएम ने कहा, "जिस दिन मेरी पार्टी और मेरे नेता यह तय करेंगे कि मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है, उसी दिन, 24 घंटे के भीतर, मैं अपना सामान पैक करके अपने निजी घर लौट जाऊंगा; मैं फिर कभी सरकारी आवास में नहीं रहूंगा। मैं यहां जनता की सेवा करने आया हूं, अपने निजी फायदे के लिए नहीं। जैसे नीतीश कुमार ने सुशासन दिया, वैसे ही सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली यह सरकार भी लोगों की भलाई के लिए अथक प्रयास करती रहेगी।"
  • शेखपुरा में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, "यह कोई राजशाही नहीं है कि आपको जो घर आवंटित किया गया है, आप उसी में रहते रहें। आज मैं जिस घर में रहता हूं, वह मुझे मिला ग्यारहवां आवास है। मैं इस जगह का इस्तेमाल सिर्फ अपना सरकारी दफ्तर चलाने के लिए करता हूं। लेकिन कुछ लोगों को ऐसी चीजों से गहरा लगाव हो जाता है; बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए, जबकि जनता की कोई परवाह नहीं। हम यहां लोगों की सेवा करने के लिए हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मेरे कार्यकाल के खत्म होने के चौबीस घंटे के भीतर, सम्राट चौधरी अपना सामान बांधकर अपने निजी आवास पर लौट जाएगा। मैं कभी भी सरकारी घर पर कब्जा करके नहीं रहूंगा।"