बिहार के नालंदा में एक सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. यहां सोयाबीन-चावल खाने के बाद 20 से ज़्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. शक है कि खाने में नमक की जगह डिटर्जेंट मिला दिया गया था.
बिहार के नालंदा जिले के एक सरकारी स्कूल में मंगलवार को मिड-डे मील खाने के बाद 25 से ज्यादा छात्रों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। भोजन करने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने चक्कर आने और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और प्रभावित छात्रों को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया।
खाना खाने के बाद बच्चों की बिगड़ी तबीयत
यह मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के परासी स्थित मिडिल स्कूल का है। अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल में मंगलवार को निर्धारित मेन्यू के अनुसार सोयाबीन-चावल परोसा गया था।
कुछ छात्रों ने खाना खा लिया था, तभी अन्य बच्चों ने भोजन में नमक कम होने की शिकायत की। इसके बाद खाने में नमक डालने की बात सामने आई। इसी दौरान कथित तौर पर बड़ी लापरवाही हुई।
नमक समझकर खाने में मिला दिया डिटर्जेंट?
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल की रसोई में नमक और डिटर्जेंट पाउडर के कंटेनर कथित तौर पर एक ही जगह रखे हुए थे। आरोप है कि खाना बनाने वाले रसोइए ने गलती से डिटर्जेंट पाउडर को नमक समझ लिया और उसे भोजन में मिला दिया।
हालांकि, इस दावे की आधिकारिक तौर पर पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही है।
खाना खाते ही होने लगी उल्टी
मिड-डे मील खाने के कुछ समय बाद कई बच्चों को चक्कर आने लगे और उन्होंने उल्टी करनी शुरू कर दी। शुरुआत में स्कूल में ही बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन जब उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो उन्हें बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया। सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी अस्पताल पहुंचे और प्रभावित छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि मिड-डे मील तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान कथित लापरवाही कैसे हुई, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रसोई की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल की रसोई में खाद्य सामग्री रखने और भोजन तैयार करने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अगर नमक और डिटर्जेंट एक ही स्थान पर रखे गए थे और पहचान में गलती हुई, तो यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।
फिलहाल प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
