सत्य निकेतन में 6 मंजिला PG बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका है। NDRF और डॉग स्क्वाड रेस्क्यू में जुटे हैं। सवाल है, पहले खाली कराई गई इमारत में दोबारा PG कैसे शुरू हुआ?

नई दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक 6 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सबसे चिंता की बात यह है कि इस इमारत में PG और हॉस्टल चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। ऐसे में मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

जिस इमारत को पहले खाली कराया, उसमें फिर कैसे शुरू हुआ PG?

शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसा करीब दोपहर 1:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग करीब एक साल पहले खाली कराई गई थी। लेकिन करीब 2-3 महीने पहले इसमें दोबारा PG शुरू हो गया। यही जानकारी अब पूरे मामले को और गंभीर बना रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक बिल्डिंग की क्षमता करीब 50 लोगों की थी, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे करीब 75 बेड का PG बताया जा रहा है। एक छात्र से करीब 15 हजार रुपये मासिक किराया लिए जाने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 10-15 लोग लंबे वीकेंड पर बाहर गए थे। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों ने करीब 30 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने अभी फंसे लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है।

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मलबे में जिंदगी की तलाश, NDRF और डॉग स्क्वाड उतरे

हादसे के तुरंत बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक चार लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से तीन को अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

बचाव अभियान में NDRF और डॉग स्क्वाड को भी लगाया गया है। बिजली सप्लाई रोक दी गई है, आसपास की इमारतें खाली कराई गई हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए RAF को बुलाया गया है। इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया है।

मालिक की तलाश, पुलिस दर्ज कर रही केस

इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल बताया जा रहा है, जो कथित तौर पर गुरुग्राम में रहता है। दिल्ली पुलिस मामले में केस दर्ज करने की प्रक्रिया में है और मालिक से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस इमारत को पहले खाली कराया गया था, वहां दोबारा PG किसकी अनुमति और किन सुरक्षा मानकों के तहत शुरू हुआ। रेस्क्यू पूरा होने के बाद इस सवाल का जवाब हादसे की असली वजह सामने लाने में अहम हो सकता है।

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