देवेंद्रनाथ महतो की भूख हड़ताल का मंगलवार को 10वां दिन है। रांची सदर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर है। उन्होंने छात्रों के न्याय तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
Devendra Nath Mahto Health Update: झारखंड में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के पक्ष में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो की हालत गंभीर होती जा रही है। फिलहाल उन्हें रांची के सदर अस्पताल में एडमिट किया गया है। हड़ताल के 10वें दिन उनकी तबीयत और ज्यादा गंभीर हो गई है। महतो ने खुद ट्वीट के जरिये अपनी हेल्थ अपडेट दी है।
कैसी है देवेन्द्र नाथ महतो की हालत?
देवेन्द्र नाथ महतो ने ट्वीट करते हुए लिखा, रांची सदर अस्पताल में दूसरे दिन भी मेरा ट्रीटमेंट चल रहा है। अस्पताल में भी भूख हड़ताल 10 वें दिन जारी है। शरीर अस्पताल के बिस्तर पर है, हालत गंभीर है, लेकिन छात्रों के न्याय की लड़ाई का संकल्प आज भी अडिग है। शरीर कमजोर हो रहा है, दर्द बढ़ रहा है, डॉक्टर उपचार कर रहे हैं… लेकिन मन में एक ही संकल्प है-जब तक झारखंड के विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष नहीं रुकेगा।
तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को करना पड़ा एडमिट
बता दें कि सोमवार 10 अगस्त को देवेन्द्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में एडमिट किया गया। इस दौरान उनका ब्लड शुगर 53 तक गिर गया था। महतो ने बताया था कि उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। बीपी बहुत ज्यादा अप-डाउन जा रहा है, जिसके चलते कमजोरी फील हो रही है। हालांकि, उन्होंने कहा मैं मर भी जाऊं तो भी कोई दिक्कत नहीं है। मेरी तबीयत से ज्यादा जरूरी स्टूडेंट का फ्यूचर है।

विधानसभा घेराव को सफल बनाने के लिए धन्यवाद
देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा, सोमवार 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने वाले सभी समर्थकों का धन्यवाद। शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पूरी तरह न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कौन हैं देवेन्द्रनाथ महतो?
देवेन्द्रनाथ महतो झारखंड के चर्चित छात्र नेता और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता हैं। वह राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। उनके आंदोलन का मुख्य फोकस झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों की मांगों पर कार्रवाई कराने पर रहा है। बता दें कि देवेन्द्रनाथ महतो का नाम झारखंड के छात्र और युवा आंदोलनों में पहले भी सामने आता रहा है। हालिया आंदोलन के दौरान उनकी बिगड़ती तबीयत ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है।


