केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से दो दिन पहले एक और देश की शिक्षा मंत्री ने पद छोड़ा था। जानिए दोनों मामलों के कारण और पूरा घटनाक्रम।
भारत में NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चर्चा के बीच एक दिलचस्प संयोग सामने आया। प्रधान के इस्तीफे से ठीक दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया की राजधानी क्षेत्र (Australian Capital Territory-ACT) की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी (Yvette Berry) ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, दोनों मामलों की वजहें अलग थीं लेकिन दोनों नेताओं ने अपने-अपने विभागों में सामने आई गंभीर परिस्थितियों के बीच पद छोड़ने का फैसला किया।
ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने क्यों दिया इस्तीफा?
ABC की रिपोर्ट के मुताबिक, ACT इंटीग्रिटी कमीशन की जांच में शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए। इसके बाद शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने कैबिनेट से इस्तीफा देने की घोषणा की। हालांकि, जांच में यह कहीं भी नहीं पाया गया कि यवेट बेरी ने खुद कोई गलत काम किया था। इसके बावजूद उन्होंने विभाग में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।
जांच में क्या सामने आया?
इंटीग्रिटी कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार, ACT शिक्षा निदेशालय की पूर्व प्रमुख केटी हेयर (Katie Haire) और शिक्षा मंत्री के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ जोशुआ सेरामिडास (Joshua Ceramidas) ने कैंपबेल प्राइमरी स्कूल के नवीनीकरण के लिए A$18.8 मिलियन के कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं कीं। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों अधिकारियों ने CFMEU (Construction, Forestry and Maritime Employees Union) को टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने का गुप्त अवसर दिया। आयोग ने इसे यूनियन के लिए "बैक डोर" यानी नियमों से हटकर रास्ता उपलब्ध कराने जैसा बताया।

यवेट बेरी ने इस्तीफे पर क्या कहा?
- इस्तीफे की घोषणा करते हुए यवेट बेरी ने कहा कि वह मामले की "पूरी जिम्मेदारी" ले रही हैं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि यह रिपोर्ट राजनीतिक विवाद या "संसदीय तमाशा" बन जाए।
- यवेट बेरी ने कहा कि वह अपनी ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के साथ कैबिनेट छोड़ रही हैं, लेकिन ACT विधानसभा की सदस्य के रूप में जनता की सेवा जारी रखेंगी।
- बेरी ने कहा, "मैं कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटी, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न रही हों। यह फैसला आसान नहीं है, लेकिन मैं अपनी ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के साथ यह पद छोड़ रही हूं।"
- बेरी ने कहा कि भविष्य में भी वह कैनबरा को बेहतर और अधिक समान बनाने के लिए काम करती रहेंगी।
भारत में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की क्या रही वजह?
- भारत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG पेपर लीक के आरोपों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद आया।
- छात्र संगठनों, शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, व्यंग्यात्मक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों ने लगातार मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में हुई चूक के लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
- प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री होने के नाते धर्मेंद्र प्रधान को इन घटनाओं की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।
दो देशों के मामले अलग, लेकिन जवाबदेही का संदेश एक
भारत और ऑस्ट्रेलिया के इन दोनों मामलों की परिस्थितियां और कारण अलग-अलग रहे। ऑस्ट्रेलिया में मामला सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा था, जबकि भारत में विवाद NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर था। फिर भी, दोनों मामलों में एक समान बात यह रही कि संबंधित विभागों में पैदा हुए गंभीर विवादों के बीच दोनों शिक्षा मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया। यही वजह है कि इन दोनों घटनाओं की तुलना जवाबदेही और प्रशासनिक जिम्मेदारी के संदर्भ में की जा रही है।


