Harbhajan Singh Security Removed: पंजाब सरकार ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की पुलिस सुरक्षा वापस ले ली है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा दी है। AAP छोड़ने की चर्चाओं के बीच यह फैसला पंजाब की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

Harbhajan Singh AAP News: पंजाब की राजनीति इन दिनों तेज उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। इसी बीच राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब सरकार ने उनकी राज्य स्तरीय सुरक्षा वापस ले ली है, जिसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान कर दी। जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़े राजनीतिक बदलावों की चर्चा जोरों पर है। पूर्व में AAP से जुड़े रहे राघव चड्ढा ने दावा किया था कि हरभजन सिंह भी उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं, जो पार्टी छोड़ सकते हैं। इस दावे के बाद से ही पंजाब की सियासत में हलचल और तेज हो गई है।

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पंजाब सरकार ने हटाई सुरक्षा, सरकारी एस्कॉर्ट भी वापस

हरभजन सिंह के स्टाफ के अनुसार, पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को अचानक वापस ले लिया। उनके घर के बाहर तैनात पंजाब पुलिस के 9 से 10 सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया, साथ ही सरकारी एस्कॉर्ट वाहन भी वापस बुला लिया गया। यह कदम राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है। खासतौर पर तब, जब राज्यसभा सांसद की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा हटाए जाने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF सुरक्षा उपलब्ध कराई। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि केंद्र इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।

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AAP के भीतर बढ़ा सियासी संकट

पंजाब में आम आदमी पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने की चर्चा शुरू हुई। इन सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, अशोक मित्तल और विक्रम साहनी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के लगभग दो-तिहाई सांसद उनके साथ आने को तैयार हैं। उन्होंने इसे पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बढ़ते असंतोष का संकेत बताया। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।

हरभजन सिंह की चुप्पी बनी चर्चा का विषय

अब तक हरभजन सिंह की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न तो उन्होंने AAP छोड़ने की अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है और न ही सुरक्षा हटाए जाने को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ कहा है। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। क्रिकेट मैदान पर अपनी आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले हरभजन सिंह अब राजनीतिक पिच पर भी केंद्र में नजर आ रहे हैं।

सुरक्षा और राजनीति, दोनों पर नजर

विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी राज्यसभा सांसद की सुरक्षा हटाना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं माना जाता, बल्कि इसके राजनीतिक संकेत भी निकाले जाते हैं। ऐसे में पंजाब सरकार का यह कदम और केंद्र द्वारा तुरंत CRPF सुरक्षा देना, दोनों ही घटनाएं आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर सकती हैं। फिलहाल सबकी नजर हरभजन सिंह के अगले कदम पर टिकी है, क्या वह AAP में बने रहेंगे या पंजाब की राजनीति में कोई नया अध्याय शुरू होने वाला है, इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।

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