Mumbai Rain Alert : महाराष्ट्र में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मुंबई में हालात को देखते हुए स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) ने प्राइवेट दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।

मुंबई (महाराष्ट्र) [इंडिया], 6 जुलाई (ANI): महाराष्ट्र में मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) ने एक एडवाइजरी जारी की है. सोमवार को जारी इस सलाह में प्राइवेट दफ्तरों से कहा गया है कि जहां तक हो सके, वे अपने कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने दें। इसके अलावा, गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में सिर्फ आधे दिन ही काम होगा।

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महाराष्ट्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी

  • यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तो कई जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी कर दिया है. इससे पहले दिन में, रायगढ़ के निचले इलाकों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए।
  • इलाके में जलभराव के कारण मुंबई-गोवा हाईवे पर भी ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा।
  • IMD के वैज्ञानिक बिक्रम सिंह ने बताया कि मुंबई में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई है. वहीं, कुछ अलग-अलग जगहों और घाट वाले इलाकों में तो बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।
  • उन्होंने ANI को बताया, "पुणे जिले, रायगढ़ और पालघर में भी बहुत ज्यादा बारिश हुई है. आज सबसे ज्यादा बारिश लोनावाला में 670 मिमी दर्ज की गई है."

महाराष्ट्र में अगले 24 से 48 घंटों में बरपेगा कहर

सिंह ने आगे कहा, "अगले 24 से 48 घंटों के लिए, हम रायगढ़, पुणे जिले के घाट क्षेत्र, नासिक और पालघर के लिए फिर से रेड अलर्ट जारी कर रहे हैं. इन जिलों के लिए अगले 48 घंटे बहुत अहम हैं. कोंकण क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है."
इस बीच, सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को बताया कि लोनावाला और कर्जत के बीच हुए लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के बाद कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, कुछ को शॉर्ट टर्मिनेट (यात्रा बीच में खत्म करना) और कुछ को शॉर्ट ओरिजिनेट (यात्रा बीच से शुरू करना) किया गया है. कई ट्रेनों का टाइम भी बदला गया है. यात्रियों से अपील की गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले ट्रेनों का नया टाइम-टेबल जरूर देख लें।





BMC के सख्त आदेश

  • बीएमसी ने डेवलपर्स, आर्किटेक्ट्स, लाइसेंस वाले सर्वेयर, ठेकेदारों, प्रोजेक्ट मैनेजरों और साइट इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि वे मचान (scaffolding), क्रेन, टिन की चादरें, ढीले-ढाले सामान और दूसरे अस्थायी ढांचों की जांच करें और उन्हें सुरक्षित करें।
  • सिविक बॉडी ने यह भी निर्देश दिया है कि जहां मौसम खराब होने का खतरा हो, वहां ऊंचाई पर काम और सामान उठाने वाले ऑपरेशन रोक दिए जाएं। मौसम सामान्य होने तक लगातार नजर रखने को कहा गया है. बीएमसी ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है और सभी से अपील की है कि वे मजदूरों, आस-पास रहने वाले लोगों और आम जनता की सुरक्षा के लिए इस सलाह का सख्ती से पालन क।
  • बीएमसी ने कहा, "सभी मजदूरों को तय PPE (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) और गिरने से बचाने वाले उपकरण इस्तेमाल करने होंगे. साइट पर तुरंत सुरक्षा जांच की जानी चाहिए और सभी असुरक्षित स्थितियों को बिना देरी के ठीक किया जाना चाहिए. मजदूरों, पड़ोस में रहने वालों और आम जनता की सुरक्षा सबसे ऊपर है. सभी डेवलपर्स से अनुरोध है कि वे इस सलाह को पूरी गंभीरता से लें और सभी सुरक्षा नियमों और कंस्ट्रक्शन के बेस्ट तरीकों का सख्ती से पालन करें." (ANI)