भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने ऐलान किया है कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा. जुलाई 2025 में साइन हुए इस समझौते का मकसद टैरिफ में बड़ी कटौती करके सालाना द्विपक्षीय व्यापार को £25.5 अरब तक बढ़ाना है.

भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 15 जुलाई से लागू हो जाएगा. भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने बुधवार को यह ऐलान किया. उन्होंने इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम बताया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कैमरन ने कहा, "उलटी गिनती शुरू! यूके और भारत इस बात पर सहमत हो गए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा." उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए आगे लिखा, "यह आधुनिक यूके-भारत साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा."

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इस ऐतिहासिक समझौते में क्या है खास?

यह घोषणा इस व्यापार समझौते को लागू करने से पहले का आखिरी कदम है. इस पर भारत और यूनाइटेड किंगडम ने लगभग तीन साल की बातचीत के बाद जुलाई 2025 में दस्तखत किए थे.

यूके-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), जिसे आधिकारिक तौर पर कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के नाम से जाना जाता है, एक ऐतिहासिक डील है. इसका मकसद दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को £25.5 अरब तक बढ़ाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूके दौरे के दौरान जुलाई 2025 में इस पर हस्ताक्षर हुए थे. यह दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक साझेदारी में एक अहम पड़ाव है.

टैरिफ में कटौती और बाजार तक पहुंच

इस डील में टेक्सटाइल (कपड़ा), व्हिस्की और कारों जैसे सामानों पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कटौती शामिल है. इससे यूके के बाजार में भारतीय निर्यात ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएगा और यही फायदा ब्रिटिश सामानों को भारत में मिलेगा. भारतीय कारोबारियों को यूके के बाजार में बड़ी पहुंच मिलेगी. समझौते के लागू होते ही यूके अपनी 99.1% टैरिफ लाइन्स पर 100% ट्रेड वैल्यू के साथ तुरंत जीरो ड्यूटी की पेशकश करेगा.

आर्थिक असर और भविष्य की राह

उम्मीद है कि इस FTA से दोनों देशों में हजारों नौकरियां पैदा होंगी, खासकर टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, स्पोर्ट्स के सामान और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर में.

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम के साथ इस समझौते से भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच में काफी सुधार होने की उम्मीद है. इसके तहत यूके को होने वाले भारत के 90.2% निर्यात ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे.

इस व्यापार समझौते का लक्ष्य बाजार पहुंच बढ़ाना, टैरिफ कम करना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है. अब जब 15 जुलाई की तारीख पक्की हो गई है, तो दोनों देशों के बिजनेस टैरिफ में कटौती और व्यापार को आसान बनाने वाले दूसरे उपायों के लागू होने की तैयारी कर रहे हैं. (ANI)