झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मदद की गुहार लेकर थाने पहुंची 20 साल की महिला से थाने के अंदर ही दुष्कर्म का आरोप लगा है। मामले में थाना प्रभारी सहित 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
रांची. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि महिला सुरक्षा की गुहार लेकर पुलिस के पास पहुंची थी, लेकिन आरोप है कि थाने के अंदर ही उसके साथ दरिंदगी हुई। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
- घटना 29 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 20 वर्षीय महिला का अपने पति से विवाद हो गया था। उसे डर था कि पति उसके साथ मारपीट करेगा। इसके बाद वह घर से निकलकर पड़ोसी के यहां पहुंची और पुलिस को फोन किया।
- पुलिस की पीसीआर वैन महिला को गम्हरिया थाने लेकर आई। वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे आराम करने के लिए एक कमरे में बैठाया। महिला की शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन आरोप है कि किसी ने उसकी सहायता नहीं की।
कौन-कौन पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए?
- मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा, सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष कुमार राय शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- इस मामले में गम्हरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह, मनोज साहू, अजय पासवान और ललन रविदास समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है।
- निलंबित पुलिसकर्मियों में एएसआई विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, हवलदार मुनेश्वर कुमार, पितांबर महतो और बहादुर हांसदा तथा कांस्टेबल संतोष राय और मनोज गोराई शामिल हैं। कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें कुछ पर घटना के दौरान लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी नहीं देने के आरोप हैं।
हेमंत सोरेन सरकार पर भड़कीं नीरा यादव
- घटना को लेकर बीजेपी ने झारखंड सरकार पर हमला बोला है। पूर्व मंत्री और कोडरमा से बीजेपी विधायक नीरा यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सिर्फ एक महिला के साथ अपराध नहीं है, बल्कि पुलिस व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
- उन्होंने सरकार से पूछा कि राज्य में कानून-व्यवस्था कैसे सुधरेगी? साथ ही पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
- फिलहाल मामले की जांच एसआईटी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






