कानपुर के पनकी इलाके में डंपिंग साइट से एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां उठाते लोगों का वीडियो वायरल है। दावा है कि कुछ उत्पाद 2024 में एक्सपायर हो चुके थे। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर पनकी थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं।

कानपुर में चॉकलेट और टॉफियों को लेकर वायरल हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग डंपिंग साइट पर फेंकी गई चॉकलेट और टॉफियां उठाते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये खाद्य उत्पाद बिक्री के लिए अनुपयुक्त होने के बाद वहां फेंके गए थे। बताया जा रहा है कि मामला पनकी हाईवे के पास एक उर्वरक फैक्ट्री के नजदीक स्थित डंपिंग एरिया का है। हालांकि, घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ट्रक पहुंचा और फिर मच गई चॉकलेट उठाने की होड़?

वायरल वीडियो करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में लोग डंपिंग साइट पर रखे चॉकलेट के कार्टन और पैकेट उठाकर बैग व गत्ते के डिब्बों में भरते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग साइकिल और बाइक से सामान ले जाते नजर आए, जबकि कई लोग पैदल ही वहां से निकलते दिखे। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के मुताबिक, वह पनकी औद्योगिक क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उसने एक ट्रक को डंपिंग ग्राउंड की ओर जाते देखा। उसके अनुसार ट्रक से चॉकलेट के कई कार्टन उतारकर वहां फेंके गए, जिसके बाद आसपास के लोग उन्हें उठाने के लिए पहुंच गए।

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2024 में एक्सपायर होने का दावा

वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने उसे बताया कि ये चॉकलेट और टॉफियां वर्ष 2024 में ही एक्सपायर हो चुकी थीं। उसने लोगों को इन्हें खाने से रोकने की कोशिश भी की, लेकिन कथित तौर पर उसकी बातों का ज्यादा असर नहीं हुआ। कई लोग पैकेट उठाते समय उनकी पैकिंग या एक्सपायरी डेट की जांच करते हुए भी नजर नहीं आए। अगर उत्पाद वास्तव में एक्सपायर्ड थे, तो उन्हें खाने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो सकता है।

पुलिस ने जांच के दिए निर्देश

मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंच गई है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी ने वायरल वीडियो की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने पनकी थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डंपिंग साइट पर फेंके गए उत्पाद वास्तव में एक्सपायर्ड थे या उन्हें किसी अन्य कारण से बिक्री के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया था। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—अगर ये खाद्य पदार्थ खाने लायक नहीं थे, तो उन्हें इस तरह खुले डंपिंग एरिया में क्यों छोड़ा गया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी थी?

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