Kerala landslide: केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन का CCTV वीडियो वायरल हो गया है। हादसे में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है।
Wayanad Landslide CCTV Video: केरल के वायनाड से सामने आया एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ ही सेकंड में पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा नीचे आ गिरता है, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

CCTV में दिखा लैंडस्लाइड का भयावह दृश्य
यह घटना मंगलवार को वायनाड के कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई, जहां अनक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी टनल रोड परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। वायरल सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि परिसर में मौजूद लोग अचानक तेज गति से नीचे आते मलबे को देखकर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं।
कुछ लोग बाल-बाल बच जाते हैं, जबकि कई मलबे की चपेट में आ जाते हैं। हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मलबे के तेज बहाव ने एक टैंकर ट्रक को भी कई मीटर तक धकेल दिया।
मलबे में दबे लोग सुरक्षित निकले, राहत की सांस
वीडियो के सबसे चिंताजनक हिस्से में एक दंपति और एक अन्य व्यक्ति मलबे में गिरते हुए दिखाई देते हैं। कुछ क्षणों तक ऐसा लगता है कि वे बच नहीं पाएंगे, लेकिन धूल और मलबा शांत होने के बाद तीनों लोगों को उठकर सुरक्षित बाहर निकलते देखा गया। इस दृश्य ने राहत की एक उम्मीद जरूर दी, लेकिन हादसे की गंभीरता कम नहीं हुई।
ताजा जानकारी के अनुसार, इस लैंडस्लाइड में तीन लोगों की जान जा चुकी है। कई घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं और कुछ लोगों के लापता होने की भी सूचना है।
राहत अभियान जारी, निर्माण परियोजना पर फिर उठे सवाल
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), फायर फोर्स और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। वहीं, इस घटना के बाद पश्चिमी घाट के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चल रही निर्माण परियोजनाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञ पहले भी इस टनल रोड परियोजना को लेकर चिंता जता चुके हैं। हालांकि, इस हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।


