महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ के भवनाथ महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने संतों का सम्मान किया, अखंड धूणा व मृगी कुंड में नमन किया तथा मेले में श्रद्धालुओं और संत-समाज से संवाद कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

गांधीनगर। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गिरनार पर्वत की तलहटी में स्थित स्वयंभू भवनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धा के साथ दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर ऊर्जा राज्य मंत्री श्री कौशिकभाई वेकरिया भी उनके साथ उपस्थित रहे और उन्होंने भी भगवान भवनाथ महादेव के दर्शन किए।

जूनागढ़ महाशिवरात्रि मेला : साधु-संतों का आशीर्वाद और सम्मान

महाशिवरात्रि के अवसर पर जूनागढ़ में परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले पांच दिवसीय मेले के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने भवनाथ मंदिर परिसर में साधु-संतों से मुलाकात की। उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया, उन्हें अंगवस्त्र अर्पित किए और सम्मानपूर्वक अभिवादन किया। संत समागम के लिए प्रसिद्ध इस मेले में मुख्यमंत्री ने साधु-संतों से संवाद कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव भी किया।

भवनाथ मंदिर परिसर दर्शन : अखंड धूणा और मृगी कुंड में नमन

मुख्यमंत्री ने भवनाथ मंदिर परिसर में स्थित अखंड धूणा (धूनी) के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने श्रद्धा के साथ मृगी कुंड में नमन कर पूजा की और आस्था प्रकट की।

संत समागम : प्रमुख संतों से भेंट और आध्यात्मिक संवाद

मंदिर परिसर के सत्संग हॉल में मुख्यमंत्री ने श्री मुक्तानंद बापू, श्री शेरनाथ बापू, श्री हरिहरानंद बापू, श्री महेश गिरि बापू, श्री महेन्द्रानंद गिरि बापू, श्री संपूर्णानंदजी बापू, श्री राजेन्द्रदास बापू, श्री भारद्वाज गिरि बापू, श्री बुद्ध गिरि बापू और श्री सोमनाथ जी बापू सहित अनेक संतों से मुलाकात की। उन्होंने संतों को अंगवस्त्र और माला पहनाकर उनका सम्मान किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान जिले के कई पदाधिकारी और अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रशासन द्वारा स्वागत-सम्मान : स्मृति चिह्न भेंट

इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री अनिल कुमार राणावसिया और गुजरात पवित्र यात्राधाम बोर्ड के सदस्य सचिव श्री रमेश मेरजा ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। ऊर्जा राज्य मंत्री श्री कौशिकभाई वेकरिया का भी प्रशासन की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।

महाशिवरात्रि मेला जानकारी और श्रद्धालुओं से संवाद

प्रांत एवं मेला अधिकारी श्री चरणसिंह गोहिल ने मुख्यमंत्री को महाशिवरात्रि मेले की व्यवस्थाओं और परंपराओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से सहज बातचीत की और उनका अभिवादन भी किया।

शाही सवारी और अखाड़ों की परंपरा का महत्व

महाशिवरात्रि मेले में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और दिगंबर साधुओं की रवेड़ी (शाही सवारी) का विशेष महत्व होता है। यह परंपरा मेले की प्रमुख धार्मिक पहचान मानी जाती है।

जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति

मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान महापौर श्री धर्मेशभाई पोशिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हरेशभाई ठुम्मर, सांसद श्री राजेशभाई चुड़ासमा, विधायक श्री संजयभाई कोरड़िया, श्री देवाभाई मालम, श्री भगवानजीभाई करगटिया सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा उपमहापौर श्री आकाशभाई कटारा, स्थायी समिति अध्यक्ष सुश्री पल्लवीबेन ठाकर, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री चंदुभाई मकवाणा, शहर भाजपा अध्यक्ष श्री गौरवभाई रूपारेलिया तथा अन्य सामाजिक और प्रशासनिक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।