मिर्जापुर के पड़री थाना परिसर में 37 आबकारी मामलों से जुड़ी 10,234.8 लीटर अवैध शराब नष्ट की गई। इसकी अनुमानित कीमत 33 लाख 26 हजार 50 रुपये थी। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शराब दफन कराई गई।
मिर्जापुर। थाने के परिसर में जेसीबी से गड्ढा खोदा गया और देखते ही देखते शराब की हजारों बोतलें उसमें दफन कर दी गईं। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि मिर्जापुर में अवैध शराब के खिलाफ हुई कार्रवाई का हिस्सा था। अलग-अलग मुकदमों में जब्त की गई शराब को न्यायालय के आदेश के बाद नष्ट कर दिया गया।
मिर्जापुर के पड़री थाना परिसर में रविवार को 37 आबकारी अधिनियम से जुड़े मुकदमों में जब्त 10,234.8 लीटर अवैध शराब का विनष्टीकरण कराया गया। पुलिस के मुताबिक, नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत 33 लाख 26 हजार 50 रुपये थी। इस कार्रवाई के दौरान अंग्रेजी शराब, देशी शराब और कच्ची शराब को जेसीबी की मदद से नष्ट कर गड्ढे में दफन कराया गया।
37 मुकदमों से जुड़ी थी हजारों लीटर अवैध शराब
पुलिस के अनुसार, नष्ट की गई शराब कुल 37 अभियोगों से संबंधित थी। इनमें वर्ष 2023 का एक, वर्ष 2025 के तीन और वर्ष 2026 के 33 मामले शामिल हैं। न्यायालय की ओर से शराब के विनष्टीकरण का आदेश मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान पड़री थाना परिसर में गड्ढा खोदकर जब्त शराब को उसमें डालकर जेसीबी से नष्ट कराया गया।
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33 लाख 26 हजार रुपये से ज्यादा थी शराब की कीमत
नष्ट की गई अवैध शराब की अनुमानित कीमत 33,26,050 रुपये बताई गई है। मात्रा के लिहाज से भी यह कार्रवाई बड़ी मानी जा सकती है, क्योंकि कुल 10,234.8 लीटर शराब का निस्तारण किया गया। इसमें अवैध अंग्रेजी शराब के साथ देशी और कच्ची शराब भी शामिल थी। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य लंबे समय से विभिन्न मुकदमों में जब्त माल के निस्तारण की प्रक्रिया को पूरा करना था।
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक की ओर से माल निस्तारण के संबंध में जिले के सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पड़री थाना परिसर में यह कार्रवाई की गई। न्यायालय से विनष्टीकरण की अनुमति मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त शराब को नष्ट कराया गया।
इन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शराब का विनष्टीकरण
शराब नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें नायब तहसीलदार अरविंद कुमार पांडेय, क्षेत्राधिकारी सदर जटाशंकर मिश्र, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र प्रथम राजेश कुमार और पड़री थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह शामिल रहे। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन की गठित टीम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।
न्यायालय के आदेश के बाद नष्ट किया गया जब्त माल
पुलिस के मुताबिक, यह शराब अलग-अलग आबकारी अधिनियम से जुड़े मामलों में जब्त की गई थी। किसी जब्त माल को नष्ट करने से पहले संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और न्यायालय से विनष्टीकरण का आदेश मिलने के बाद ही शराब को नष्ट कराया गया। यानी यह कार्रवाई केवल जब्त शराब को हटाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे न्यायालय और प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी की गई थी।
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