PM मोदी और UAE के राष्ट्रपति ने फोन पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में शांति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।

अबू धाबी: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सुरक्षा खतरों और तनाव के माहौल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने चिंता जताई है। दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। आने वाली ईद से पहले दोनों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और इलाके में स्थिरता के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा पर भी विस्तार से बात की।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मेरे भाई, हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और उन्हें ईद की अग्रिम बधाई दी।' यह बातचीत दोनों देशों के बीच गहरे द्विपक्षीय संबंधों को दिखाती है। भारत ने UAE में आम नागरिकों के ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने साफ कहा कि बेगुनाहों की जान जाना और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने की अहमियत पर जोर दिया। यह रास्ता दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई का एक अहम रूट है। दोनों ने दोहराया कि मिडिल ईस्ट में जल्द से जल्द शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए भारत और UAE मिलकर काम करेंगे। खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आयात और वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। 2022 में हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) के बाद से व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत और UAE के बीच सहयोग काफी बढ़ा है।