Nashik Protest : एक तरफ देशभर में गुरू के सम्मान का प्रतीक शिक्षक दिवस 5 सितंबर को देशभर में मनाया जा रहा है। इसी मौके पर शनिवार को नासिक से एक अच्छी खबर सामने आई है। 13 अगस्त से आंदोलन कर रहे आदिवासी छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
नासिक (महाराष्ट्र): नासिक में आदिवासी छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। ज़िला कलेक्टर आयुष प्रसाद के साथ बातचीत के बाद छात्रों ने ये फैसला लिया।हालांकि, छात्रों ने साफ किया है कि उनका धरना-प्रदर्शन अभी जारी रहेगा। बता दें किपुणे, नागपुर और नासिक के छात्र 13 अगस्त को सरकारी आदिवासी हॉस्टल के नियमों में हुए बदलावों के खिलाफ आंदोलन पर उतरे थे। शिक्षक दिवस के मौके पर छात्रों की हंगर स्ट्राइक करना एक अच्छा फैसला है।
नासिक के छात्रों की क्या हैं मांगे
बाद में छात्रों की मांगों में हॉस्टल की सुविधाएं और सुरक्षा, आदिवासी आरक्षण, खाली पदों पर भर्ती, पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (PESA) के तहत नियुक्तियां, जाति वैधता प्रमाण पत्र जैसी कई और चीज़ें भी जुड़ गईं। छात्रों की एक बड़ी मांग गढ़चिरौली के एक आश्रम स्कूल में सांप काटने से जान गंवाने वाली तीन आदिवासी लड़कियों के परिवारों को मुआवज़ा देना भी है।
मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचा छात्रों का मामला
- ज़िला कलेक्टर प्रसाद ने बताया कि आदिवासी विकास मंत्री लगातार छात्रों के संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए आदिवासी विकास विभाग के साथ बातचीत चल रही है।
- प्रसाद ने ANI को बताया, "असल में, उठाए गए कई मुद्दों पर पहले ही फैसले लिए जा चुके हैं। सरकार का रवैया काफी पॉजिटिव है और वह इन सभी मसलों को सुलझाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।
- उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इन मुद्दों को सुलझाने के लिए पॉजिटिव रुख का भरोसा दिया है, ताकि "कोई भी छात्र विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए स्कूल या कॉलेज न छोड़े।
10 करोड़ का बीमा कवर और 12,500 आदिवासी पद
- प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आदिवासी हॉस्टल और आदिवासी आवासीय स्कूलों में रहने वाले हर छात्र के लिए 10 करोड़ रुपये के बीमा कवर की भी मांग की थी।
- उनकी मुख्य मांगों में से एक राज्य भर में 12,500 आदिवासी पदों पर रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को तुरंत लागू करना भी शामिल था। उन्होंने नौकरी से हटाए गए PESA कर्मचारियों को फिर से बहाल करने और उनकी स्थायी नियुक्ति की भी मांग की।
- बता दें कि पुणे में, मंजरी आदिवासी हॉस्टल में छात्रों की 17 दिनों तक चली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 30 अगस्त को खत्म हो गई थी। वहां आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया था।


