Odisha Scholarship Scheme :ओडिशा सरकार ने छात्रों के लिए 'बिदेश सिख्यवृत्ति' नाम की एक नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की है। इसके तहत, हर साल 50 मेधावी छात्रों को दुनिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए 25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।

भुवनेश्वर (ओडिशा): ओडिशा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए एक शानदार पहल की है। शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने ऐलान किया कि सरकार ने 'बिदेश सिख्यवृत्ति' नाम की एक स्कॉलरशिप योजना शुरू की है। इसका मकसद होनहार SC/ST छात्रों को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल करने में आर्थिक मदद देना है।

दुनिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका

  • CMO की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस नई पहल के तहत हर साल SC और ST समुदाय के 50 मेधावी छात्रों को चुना जाएगा। ये छात्र QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में टॉप 200 में शामिल दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला ले सकेंगे।
  • इस योजना के तहत हर छात्र को सालाना 25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी। इस स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, आने-जाने का हवाई किराया, मेडिकल इंश्योरेंस और दूसरे छोटे-मोटे खर्चे भी शामिल होंगे।

ओडिशा में KG से PG मुफ्त होती है शिक्षा

  • आपको बता दें कि इसी साल जुलाई में, ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बना था जिसने KG से लेकर PG (पोस्ट-ग्रेजुएशन) तक सभी के लिए मुफ्त शिक्षा नीति लागू की थी। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने 14 जुलाई को यह जानकारी दी थी। इस नीति में जाति, आय या गरीबी रेखा जैसी कोई शर्त नहीं रखी गई है।
  • मंत्री सूरज ने इस पहल की खासियत बताते हुए कहा था, "हम KG से PG तक मुफ्त शिक्षा लागू करने वाले भारत के पहले राज्य हैं। इस योजना की एक खास बात यह है कि हम जाति, BPL (गरीबी रेखा से नीचे) या आय सीमा जैसी कोई शर्त नहीं लगा रहे हैं। जो छात्र रेगुलर कोर्स (सेल्फ-फाइनेंसिंग और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप कोर्स को छोड़कर) में दाखिला लेते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।"
  • इस नीति के पीछे का मुख्य मकसद बताते हुए मंत्री ने जोर दिया कि यह योजना उन छात्रों की मदद के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण 10वीं या 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी।
  • उच्च शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल से राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो (GER) में काफी सुधार होगा।