पीएम मोदी के जकार्ता पहुंचने से पहले इंडोनेशियाई वायुसेना के F-16 और सुखोई-30 फाइटर जेट ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान उनका खास अंदाज में स्वागत किया गया। जकार्ता में लैंडिंग से पहले इंडोनेशियाई वायु सेना के दो लड़ाकू विमान F-16 और सुखोई-30 ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया। साफ नीले आसमान में दोनों फाइटर जेट पीएम मोदी के विमान के साथ उड़ते नजर आए। इसे इंडोनेशिया की ओर से सम्मान और स्वागत का प्रतीक माना जा रहा है।

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F-16 और सुखोई-30 ने किया प्रधानमंत्री मोदी के विमान का एस्कॉर्ट

जकार्ता पहुंचने से पहले इंडोनेशियाई एयर फोर्स का एक F-16 और एक सुखोई-30 प्रधानमंत्री मोदी के विमान के साथ जुड़े और लैंडिंग तक एस्कॉर्ट करते रहे। ऐसे एस्कॉर्ट मिशन किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के सम्मान में किए जाते हैं और यह दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का संकेत भी माना जाता है।

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F-16 और सुखोई-30 की खासियत

F-16 अमेरिका में विकसित एक सिंगल-इंजन, बेहद फुर्तीला लड़ाकू विमान है। पिछले कई दशकों से इसका इस्तेमाल दुनिया के कई देशों की वायु सेनाएं कर रही हैं। वहीं सुखोई-30 रूस में विकसित ट्विन-इंजन, दो सीट वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है। शीत युद्ध के दौर में रूस और अमेरिका एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन आज दोनों देशों के लड़ाकू विमान इंडोनेशियाई वायु सेना का हिस्सा हैं।

भारतीय वायु सेना के पास भी है सुखोई-30MKI

भारतीय वायु सेना के पास भी सुखोई-30MKI के कई स्क्वाड्रन मौजूद हैं। यह सुखोई-30 का विशेष संस्करण है, जिसे भारत की परिचालन जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है और यह भारतीय वायु सेना की प्रमुख ताकतों में शामिल है।

जकार्ता पहुंचकर PM मोदी ने क्या कहा?

जकार्ता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो द्वारा किए गए स्वागत से वह बेहद प्रभावित हुए।

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में भारत और इंडोनेशिया ने अपने संबंधों को 'Comprehensive Strategic Partnership' (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) तक पहुंचाया था, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान वह राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी करेंगे दौरा

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। उनके अनुसार, यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इंडोनेशिया प्रवास के दौरान वह वहां रह रहे भारतीय समुदाय से मिलने और बातचीत करने के लिए भी उत्साहित हैं।

ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर भी बढ़ रहा है सहयोग

भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। मार्च में इंडोनेशिया ने घोषणा की थी कि उसने भारत के साथ ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए समझौता किया है। इससे पहले 2022 में फिलीपींस लगभग 375 मिलियन डॉलर की डील के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला पहला विदेशी देश बना था। अब इंडोनेशिया के साथ बढ़ता रक्षा सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।