Valentina Megacorp LLP: पुणे पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वेलेंटीना मेगाकॉर्प LLP से जुड़े बैंक खातों को अटैच कर लिया है। इन खातों में 82.40 करोड़ रुपये थे। कंपनी पर लोगों से मोटे मुनाफे का वादा करके करोड़ों रुपये जमा कराने का आरोप है।

Pune Investment Fraud: पुणे पुलिस ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न का लालच देकर हजारों लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये जुटाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने 17 अगस्त को Valentina Megacorp LLP से जुड़े बैंक खातों में जमा करीब 82.40 करोड़ रुपये की अंतरिम कुर्की का आदेश दिया।

पहली बार इस कानून के तहत बड़ी कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई Banning of Unregulated Deposit Schemes Act, 2019 के तहत की गई है। पुणे पुलिस ने इसे शहर में इस कानून के तहत की गई पहली ऐसी कार्रवाई बताया है। अटैच किए गए बैंक खातों में कई बैंकों के खाते शामिल हैं और फिलहाल यह कार्रवाई नामित अदालत के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

1% दिखाकर 5% तक रिटर्न का कथित वादा

पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि Valentina Megacorp और उससे जुड़ी LLPs ने कागजों पर करीब 1 प्रतिशत रिटर्न दिखाया, लेकिन निवेशकों को हर महीने 5 प्रतिशत तक रिटर्न देने का कथित तौर पर भरोसा दिलाया। इस तरह कंपनी ने बड़ी संख्या में लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया।

2,800 लोगों से 43 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि इन संस्थाओं ने करीब 2,800 नागरिकों से लगभग 43 करोड़ रुपये जुटाए। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कई महीनों तक मामले की जांच की, जिसके बाद 18 अप्रैल 2026 को अलंकार पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई।

नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान?

पुलिस ने आरोप लगाया कि Valentina Megacorp और उससे जुड़ी LLPs ने जरूरी अनुमति के बिना लोगों से रकम जमा की। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि कंपनी ने किसी मुनाफे वाले कारोबार से रिटर्न पैदा करने के बजाय नए निवेशकों से प्राप्त रकम का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को भुगतान करने में किया।

कंपनी ने आरोपों से अलग बताई तस्वीर

मामले में Salisbury Park निवासी कंपनी निदेशक संतोष नाथा बांदल और Bibvewadi स्थित Lake Town Society निवासी ज्ञानेश्वर अनंत चोराघे समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि जिन करीब 2,800 लोगों का जिक्र पुलिस कर रही है, वे जमाकर्ता नहीं बल्कि उसके कारोबार में निवेश करने वाले पार्टनर थे।

अदालत के अगले फैसले तक खाते रहेंगे अटैच

पुलिस की कार्रवाई के तहत कई बैंकों में मौजूद खातों को अंतरिम रूप से अटैच किया गया है। यह कार्रवाई फिलहाल तब तक जारी रहेगी, जब तक इस मामले में नामित अदालत आगे कोई फैसला नहीं लेती। पुलिस की जांच का उद्देश्य कथित निवेश राशि के लेनदेन और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाना है।