पुणे में टेस्टिंग के दौरान नई पाइपलाइन फटने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना, मुंबई-ठाणे में खुले मैनहोल व बिजली के तार से हुई मौतों के साथ, मानसून में खराब नागरिक सुरक्षा और तैयारियों की कमी को दिखाती है।
पुणे जिले के तलेगांव दाभाडे में तब अफरा-तफरी मच गई, जब एक सड़क का हिस्सा अचानक फट गया और पानी का एक ज़ोरदार फव्वारा हवा में उछलने लगा। इस घटना से इलाके में ट्रैफिक रुक गया और लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हादसा हाल ही में बिछाई गई एक अंडरग्राउंड वॉटर पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान हुआ। इस अप्रत्याशित घटना ने पाइपलाइन प्रोजेक्ट की क्वालिटी और ठेकेदार के काम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह वॉटर सप्लाई स्कीम अगले हफ्ते शुरू होने वाली थी, लेकिन चालू होने से पहले ही टेस्टिंग के दौरान इसमें खराबी सामने आ गई। उम्मीद है कि अधिकारी पाइपलाइन फटने के कारणों की जांच करेंगे।
महाराष्ट्र में लगातार हो रही मानसून की बारिश के बीच मुंबई, पुणे और दूसरे इलाकों में हुई कई जानलेवा घटनाओं ने एक बार फिर से लोगों की सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कुछ ही दिनों में खुले मैनहोल, बिजली के नंगे तार, गिरे हुए पेड़ और खुले नालों की वजह से हुए हादसों में कई लोगों की जान चली गई है, जिसके बाद मानसून से पहले की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
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सबसे ताज़ा मामला ठाणे जिले का है, जहां शनिवार, 4 जुलाई को भारी बारिश के बीच एक पावर ट्रांसफॉर्मर के पास बिजली के तार की चपेट में आने से 42 साल की एक महिला की मौत हो गई।
ऐसी ही एक दर्दनाक घटना शुक्रवार, 3 जुलाई को मुंबई में हुई, जब 55 साल के असलम इसाक शेख साकीनाका इलाके में तेज बारिश के बाद एक खुले मैनहोल में गिर गए, जिससे उनकी जान चली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रेनेज के काम के चलते मैनहोल को खुला छोड़ दिया गया था। इस घटना की कड़ी आलोचना के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने चार अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया और विभागीय जांच शुरू कर दी है।
