पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होने के बाद समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी छोड़ दी है। दोनों के BJP में शामिल होने की अटकलों लगाई जा रही हैं।
चंडीगढ़: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के अगले ही दिन दो मौजूदा विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। इनमें पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें भी तेज हैं। हालांकि, अभी बीजेपी में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कौन हैं चेतन सिंह जौड़ामाजरा?
- चेतन सिंह जौड़ामाजरा पटियाला जिले की समाना विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था।
- बताया जा रहा है कि समाना सीट पर पार्टी के अंदर उनकी स्थिति कमजोर होने लगी थी। सितंबर 2026 में AAP ने पूर्व अकाली नेता और पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका प्रभारी नियुक्त किया था। इसे जौड़ामाजरा के राजनीतिक प्रभाव में कमी और टिकट कटने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है और पंजाब के हालात दुखद हैं।
कौन हैं हरमीत सिंह पठानमाजरा?
- हरमीत सिंह पठानमाजरा पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने को लेकर चर्चा में रहे हैं। सितंबर 2025 में बाढ़ और अपने क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई थी।
- इसके अलावा वह एक महिला की शिकायत पर दर्ज दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के मामले को लेकर भी विवादों में रहे। पुलिस ने मार्च 2026 में उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। मई 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें नियमित जमानत मिली थी। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं।
क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक?
- दोनों विधायकों के इस्तीफे के बाद उनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के बीजेपी में शामिल होने की संभावना जताई गई है। AAP ने भी समाना और सनौर में नए हलका प्रभारी नियुक्त किए थे, जिससे दोनों विधायकों की टिकट कटने की आशंका बढ़ गई थी।
- अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेता बीजेपी का दामन थामते हैं या अपनी राजनीति के लिए कोई नया रास्ता चुनते हैं।






