जम्मू-कश्मीर के रामबन में सरकारी स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई। सातवीं का छात्र कक्षा में सो गया और स्कूल बंद होने के बाद घंटों तक अंदर बंद रहा। राहगीर ने उसे बाहर निकाला। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे स्कूल स्टाफ को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए।
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सरकारी स्कूल की लापरवाही एक छात्र की जान पर भारी पड़ सकती थी। सातवीं कक्षा का एक छात्र स्कूल की छुट्टी के बाद कक्षा में सो गया और किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। स्कूल बंद कर पूरा स्टाफ घर चला गया, जिससे छात्र करीब चार घंटे तक स्कूल के भीतर बंद रहा। बाद में राहगीर ने उसकी आवाज सुनकर उसे बाहर निकाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे स्कूल स्टाफ को निलंबित कर दिया है।

कक्षा में सो गया छात्र, स्कूल बंद कर चला गया पूरा स्टाफ
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 4 जुलाई 2026 को सरकारी मिडिल स्कूल, क्रवाह (जोन बनिहाल), रामबन में हुई। यह दिन 15 दिनों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों से पहले स्कूल का आखिरी कार्यदिवस था। बताया गया कि सातवीं कक्षा का छात्र छुट्टी के समय अपनी कक्षा में सो गया था। स्कूल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किए बिना कि सभी छात्र परिसर से बाहर निकल चुके हैं, स्कूल को बंद कर दिया। शाम करीब 8 बजे, स्कूल बंद होने के कई घंटे बाद छात्र की आवाज सुनकर एक राहगीर वहां पहुंचा और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, पूरे स्टाफ को किया निलंबित
घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए रामबन के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) ने स्कूल के सभी 9 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें प्रधानाध्यापक सहित 6 शिक्षक और 3 सहायक कर्मचारी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस मामले में हुई चूक छात्र की जान और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। इसलिए जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियमों के तहत सभी कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की गई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति करेगी पूरे मामले की पड़ताल
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में हायर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स बनिहाल की प्रिंसिपल को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जोनल एजुकेशन ऑफिसर, बनिहाल और हाई स्कूल बंकूट के प्रधानाध्यापक को सदस्य बनाया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करे और अपनी रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपे। यह घटना स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


