सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद के मलबे के नीचे 20 फीट गहरा कुआं मिला। ASI ने सैंपल लिए हैं, जिससे कुएं की उम्र और इतिहास से जुड़ा बड़ा राज पता चलेगा।

Saharanpur Mosque Well: यूपी के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट के भीतर स्थित मस्जिद को शनिवार 5 सितंबर को कोर्ट के आदेश के बाद ढहा दिया गया था। बाद में मलबा हटाने के बाद वहां से 20 फुट गहरा और लगभग 1.5 मीटर चौड़ा कुआं मिला है। कुएं की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी सोमवार को उसके भीतर पहुंचे। बता दें कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

कुएं की प्राचीनता और इतिहास का पता लगाया जाएगा

कुआं मिलने के बाद अब इसकी प्राचीनता और इतिहास का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। टीम ने कुएं से सैंपल लिए हैं। इन सैंपल के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कुआं कितना पुराना है।

कुएं के ऊपर बनी थी मस्जिद

कुएं को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद भी सामने आया है। दोनों पक्ष यह दावा कर रहे हैं कि कुआं उनके पक्ष से संबंधित है। इसी विवाद को देखते हुए प्रशासन ने ASI की टीम को जांच के लिए बुलाया है। मलबा हटाए जाने के बाद कुआं सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुएं को पहले बंद कर दिया गया था और बाद में उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया। इस वजह से यह माना जा रहा है कि कुआं मस्जिद के निर्माण से भी पुराना हो सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुआं कितने साल पुराना है और इसे किसने बनवाया था। ASI की जांच के बाद इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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कुएं की जांच के दौरान अधिकारी भी मौजूद

कुएं की जांच के दौरान ASI की टीम के साथ सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। बताया गया है कि इसी सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद से संबंधित आदेश जारी किया था। कुएं की सुरक्षा और वहां मौजूद साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने पहले ही कलेक्ट्रेट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। अब कुएं के आसपास होने वाली हर गतिविधि पर कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी।

सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही निगरानी

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कुएं से जुड़े मौजूदा साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो। इसके लिए लगातार सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। कुएं की सुरक्षा और साक्ष्यों की निगरानी के लिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कंट्रोल रूम से भी कैमरों के जरिए कुएं के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

स्लैब काटने के बाद मिला कुआं

बताया गया है कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद जब मलबा हटाया जा रहा था, तब एक स्लैब दिखाई दिया। इसके बाद कटर की मदद से स्लैब को काटा गया। स्लैब के नीचे कुआं मिला। कुआं मिलने की जानकारी मिलते ही सहारनपुर के उप जिलाधिकारी सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कुएं की प्राचीनता और उसके इतिहास का पता लगाने के लिए ASI को इसकी जानकारी दी।

2025 में मस्जिद को लेकर दायर हुई थी याचिका

इस मामले की शुरुआत साल 2025 में हुई थी। बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद अवैध है। इसके बाद सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस ढांचे को अवैध घोषित किया और इसे गिराने का आदेश जारी किया था। अब मस्जिद के मलबे के नीचे कुआं मिलने के बाद उसकी प्राचीनता और इतिहास को लेकर जांच की जा रही है। ASI की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कुआं कितना पुराना है और इसका निर्माण कब तथा किसने कराया था।