'Mood of the Nation' सर्वे में CM जोसेफ विजय PM की पसंद में तीसरे नंबर पर आए। TVK के 'Vijay For PM 2029' नारे से कांग्रेस भड़क गई है और सरकार छोड़ने की चेतावनी दे डाली है।
Vijay For PM 2029 Row: तमिलनाडु की सत्ता में 100 दिन पूरे करते ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) को लेकर देश की राजनीति में एक नया सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। एक ताजा नेशनल सर्वे में प्रधानमंत्री पद की पसंद के तौर पर विजय का नाम नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के ठीक बाद तीसरे नंबर पर दर्ज किया गया है। इस सर्वे के सामने आते ही विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के कार्यकर्ताओं ने जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक 'विजय फॉर पीएम 2029' का नैरेटिव तेजी से चलाना शुरू कर दिया। थूथुकुडी समेत तमिलनाडु के कई इलाकों में विजय को देश का अगला प्रधानमंत्री बताने वाले पोस्टर भी लग गए हैं। लेकिन इस दावे ने तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्ष (DMK) चुटकियां ले रहा है और विजय की सहयोगी कांग्रेस ने सीधे गठबंधन की सरकार छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली है।
सर्वे में क्या निकला? क्यों मची खलबली?
28 अगस्त को जारी India Today-CVoter के ताजा 'Mood of the Nation' सर्वे में प्रधानमंत्री पद के लिए पसंदीदा नेताओं की सूची में नरेंद्र मोदी पहले, राहुल गांधी दूसरे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय तीसरे स्थान पर रहे। सिनेमा के पर्दे से राजनीति में आकर राज्य के दिग्गज द्रविड़ दलों को पटखनी देने वाले विजय को जब नेशनल लेवल पर इतना बड़ा समर्थन मिलता दिखा, तो टीवीके समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। विजय का तीसरे नंबर पर आना इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि वह राष्ट्रीय राजनीति में अभी नया चेहरा हैं। उन्होंने तमिलनाडु में अपनी पार्टी TVK के जरिए राजनीति में बड़ा कदम रखा और राज्य की सत्ता तक पहुंचने के बाद अब उनके समर्थकों की तरफ से राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका की चर्चा शुरू हो गई है।
कांग्रेस की सीधी दो टूक, 'राहुल ही चेहरा, वरना छोड़ देंगे सरकार'
तमिलनाडु में टीवीके के साथ सरकार चला रही कांग्रेस को यह नया नारा बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर टीवीके ने 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के नाम का समर्थन नहीं किया, तो वे विजय की कैबिनेट से इस्तीफा देकर गठबंधन तोड़ सकते हैं। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने दोहराया कि '2029 में विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद का चेहरा केवल राहुल गांधी ही होंगे।' कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर 'लोमड़ी का फर्जी पोल' नाम से एक कहानी शेयर कर सर्वे के तरीकों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि हर आंकड़ा सच नहीं होता और हर सर्वे जनता की आवाज नहीं बनता।
DMK का कटाक्ष, 'इनकी कल्पना का कोई अंत नहीं'
विपक्षी दल डीएमके (DMK) ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर टीवीके को आड़े हाथों लिया। डीएमके सचिव आरएस भारती ने तंज कसते हुए कहा, टअगर कार्यकर्ताओं की सुनें, तो वे कल को यह भी कह देंगे कि विजय संयुक्त राष्ट्र (UN) के हेड बनने जा रहे हैं। कल्पना करने की कोई सीमा नहीं होती, वे जो चाहें सोचें। लेकिन अगर किसी ने विजय को पीएम प्रोजेक्ट कर दिया है, तो इसका मतलब साफ है कि उन्होंने राहुल गांधी को रेस से बाहर मान लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तय करना चाहिए कि उनका आत्मसम्मान क्या कहता है।'
सहयोगी दल MDMK ने किया बीच-बचाव
गठबंधन के एक अन्य प्रमुख नेता और एमडीएमके (MDMK) प्रमुख वाइको ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश की। वाइको ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में राहुल गांधी के अलावा पीएम पद का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि खुद मुख्यमंत्री विजय या उनकी पार्टी का ऐसा कोई इरादा नहीं है और मंत्रियों व नेताओं को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।


