TMC Resignation : TMC में ऐसा क्या हुआ कि तीसरे सांसद ने भी छोड़ दिया साथ? क्या TMC के अंदर शुरू हो गया है बड़ा खेला?क्या ममता के हाथ से फिसल रही है पार्टी की कमान? तीसरा इस्तीफा और बढ़ा सस्पेंस, आखिर पर्दे के पीछे कौन?
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पश्चिम बंगाल से पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। एक हफ्ते के अंदर राज्यसभा से यह तीसरा इस्तीफा है।राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को लिखे अपने इस्तीफे में बराइक ने कहा कि वो तुरंत प्रभाव से सदन की सदस्यता छोड़ रहे हैं।

सांसद प्रकाश चिक बराइक का पढ़िए इस्तीफा
- चिट्ठी में लिखा है, "मैं इसके द्वारा राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं, जिसे कृपया तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए।"
- उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति और सचिवालय का शुक्रिया भी अदा किया।
- चिट्ठी में आगे लिखा है, "मैं आपके, माननीय उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मेरे कार्यकाल के दौरान हर तरह की मदद और सहयोग दिया।"
क्या हैं टीएमसी सांसद के इस्तीफे के मायने?
- यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस के अंदर की खींचतान तेज हो गई है। पार्टी में इस्तीफों का दौर चल रहा है और बागी तेवर भी देखने को मिल रहे हैं, जिससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
TMC के बागी विधायक 58 से हुए 64
- TMC के बागी नेता रितब्रत बनर्जी ने बुधवार को साफ किया कि उनका गुट कांग्रेस के साथ कोई विलय नहीं कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, वो पार्टी का अंदरूनी मामला है।
- बनर्जी ने ANI को बताया, "अभी हमारे साथ 64 विधायक हैं।" उन्होंने दावा किया कि उनके गुट को पहले 58 विधायकों का समर्थन था, जो अब बढ़कर 64 हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका ग्रुप जल्द ही अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष से मिलेगा।
क्या टीएमसी कांग्रेस में हो रही विलय?
- विलय की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "जहां तक हमारी विधायक पार्टी का सवाल है, हम निश्चित रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं। संसद में दो-तिहाई से ज्यादा सांसद भी कांग्रेस के साथ विलय नहीं कर रहे हैं।" बनर्जी ने जोर देकर कहा कि पार्टी का कोई भी हिस्सा - चाहे वो सांसद हों, नगर पालिका के सदस्य हों, जिला परिषद या पंचायत सदस्य हों - किसी भी विलय की ओर नहीं बढ़ रहा है।
- उन्होंने सवाल किया, "कौन किसके साथ विलय कर रहा है? विलय का तो कोई सवाल ही नहीं उठता।"


