TVK की विधायक Kanimozhi ने कहा कि 2029 में Vijay पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार होंगे—"दिल्ली नहीं, तमिलनाडु तय करेगा". कांग्रेस ने पलटवार कर कहा कि CM Vijay ने Rahul Gandhi को चुना है. शनिवार को S Rajesh Kumar ने चेताया, समर्थन न मिला तो मंत्री इस्तीफा देंगे. 2024 में TVK ने 108/234 सीटें जीती थीं.

चेन्नई: तमिलनाडु की सत्ताधारी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। पार्टी ने अध्यक्ष और मुख्यमंत्री C Joseph Vijay को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया है। TVK का यह बयान कांग्रेस के उस दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि विजय 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए Rahul Gandhi का समर्थन करेंगे।

इस बयान के बाद गठबंधन की राजनीति और 2029 के संभावित नेतृत्व को लेकर तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज हो गई है।

TVK ने साफ किया अपना रुख, Vijay ही PM चेहरा

TVK विधायक Kanimozhi ने बुधवार को कहा कि 2029 के लिए विजय ही पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला दिल्ली से नहीं बल्कि तमिलनाडु से होगा।

Kanimozhi ने दावा किया कि 2029 में राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि Rahul Gandhi खुद Vijay को प्रधानमंत्री बनाएंगे।

इस बयान ने एक तरफ विजय के राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के संकेत दिए हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस और TVK के बीच भविष्य के गठबंधन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

कांग्रेस ने किया था दावा- Rahul Gandhi को मिलेगा समर्थन

TVK के बयान से पहले कांग्रेस की ओर से अलग तस्वीर पेश की गई थी। कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) की नेता Tharahai Cuthbert ने सोमवार को दावा किया था कि मुख्यमंत्री विजय ने गठबंधन की ओर से Rahul Gandhi को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना है।

उन्होंने नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि विजय को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर पेश किए जाने की बातें पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह से जुड़ी हैं, न कि किसी आधिकारिक फैसले से।

कांग्रेस के इस दावे के ठीक बाद TVK की ओर से विजय को 2029 का PM चेहरा बताना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

गठबंधन में अंदर ही अंदर क्या चल रहा है?

प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर यह बयानबाजी अचानक नहीं हुई है। इससे पहले भी तमिलनाडु में गठबंधन के भीतर अलग-अलग नेताओं की ओर से 2029 को लेकर बयान सामने आते रहे हैं।

तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री S Rajesh Kumar ने शनिवार को कन्याकुमारी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर TVK ने 2029 लोकसभा चुनाव में Rahul Gandhi को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन नहीं दिया, तो राज्य मंत्रिमंडल में शामिल कांग्रेस मंत्री इस्तीफा दे देंगे।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2029 में Rahul Gandhi प्रधानमंत्री बनेंगे।

वहीं TVK के PWD मंत्री Aadhav Arjuna पहले ही कह चुके हैं कि देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद तमिलनाडु के किसी नेता के पास होना चाहिए। ऐसे बयानों ने गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर संभावित मतभेदों की चर्चा को और हवा दी है।

Vijay और Rahul Gandhi की नजदीकी ने बढ़ाया सस्पेंस

दिलचस्प बात यह है कि विजय और Rahul Gandhi के बीच राजनीतिक नजदीकी भी लगातार चर्चा में रही है। 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं की नजदीकियां सार्वजनिक तौर पर दिखाई दीं।

विजय ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge का आभार जताया और Rahul Gandhi को अपना "भाई" बताया। दूसरी ओर, राहुल गांधी विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने चेन्नई पहुंचे और दोनों नेताओं ने मंच भी साझा किया।

ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि व्यक्तिगत और राजनीतिक नजदीकी के बावजूद 2029 में दोनों दल प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर किस फार्मूले पर सहमत होंगे।

पहली बड़ी चुनावी कामयाबी के बाद TVK की नजर दिल्ली पर?

2024 में लॉन्च हुई TVK ने अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीतकर मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई और कांग्रेस समेत अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई।

विजय की लोकप्रियता और पार्टी की चुनावी ताकत ने TVK को तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है। अब पार्टी की ओर से विजय को 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताए जाने से संकेत मिल रहा है कि उसका राजनीतिक फोकस सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रह सकता।

2029 में किसके नाम पर बनेगी सहमति?

फिलहाल कांग्रेस Rahul Gandhi को लेकर अपना पक्ष रख रही है, जबकि TVK अपने अध्यक्ष Vijay को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बता रही है। दोनों दलों के नेताओं के बयानों में अंतर ने गठबंधन की भविष्य की दिशा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2029 तक TVK और कांग्रेस विजय के नाम पर सहमत होंगे, या Rahul Gandhi के नेतृत्व को ही प्राथमिकता दी जाएगी?

तमिलनाडु की राजनीति में अभी से शुरू हुई यह बहस 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति और राष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है।