हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली 2019 बैच की IPS अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा ज़ोन 1 की पहली महिला DCP बनाया गया है। जानिए उनके हेड कॉन्स्टेबल पिता से मिली प्रेरणा, UPSC AIR 466 और दूसरे प्रयास की पूरी कहानी।
IPS Preeti Yadav Success Story: गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद आईपीएस प्रीति यादव चर्चा का केंद्र बन गई हैं। साद मियां खान का तबादला होने के बाद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने 30 वर्षीय तेजतर्रार IPS अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा ज़ोन 1 का नया पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किया है। खास बात यह है कि इस पद को संभालने वाली वे नोएडा की पहली महिला DCP बन गई हैं, जिससे महिला शक्ति और प्रशासनिक महकमे में खुशी की लहर है।

Preeti Yadav UPSC Journey: दूसरे प्रयास में ऐसे हासिल की ऑल इंडिया रैंक 466
- दूसरा प्रयास और सफलता: 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीति यादव ने साल 2018 की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की थी। उन्होंने अपने दूसरे ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर दिखाया।
- पहले प्रयास का अनुभव: संसद TV को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पहले प्रयास में उन्होंने प्रीलिम्स पास कर लिया था, लेकिन मेन्स परीक्षा में वे कट-ऑफ से सिर्फ 21 अंक पीछे रह गई थीं।
- दृढ़ संकल्प: अपनी कमियों से सीखते हुए उन्होंने दोबारा पूरी मेहनत की और अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर सीधे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई।
Inspiration from Father: हेड कॉन्स्टेबल पिता से मिली थी आगे बढ़ने की प्रेरणा
- रेवाड़ी की बेटी: मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले से ताल्लुक रखने वाली प्रीति का जन्म 10 अप्रैल 1996 को हुआ था। ग्रेजुएशन में उन्होंने ज्योग्राफी (Geography) से बीए ऑनर्स की डिग्री ली थी।
- पिता का संघर्ष: प्रीति बताती हैं कि उनके पिता ने अपने करियर की शुरुआत एक साधारण कॉन्स्टेबल के रूप में की थी और बाद में वे असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद तक पहुंचे।
- बचपन का सपना: पिता का अनुशासन और उनकी मेहनत देखकर ही प्रीति के मन में सिविल सेवा में जाने का सपना जागा था। उनके पिता चाहते थे कि उनके बच्चे जिंदगी में सबसे ऊंचे मुकाम हासिल करें।
New Responsibility in Noida: साइबर और महिला सुरक्षा का लंबा अनुभव
- बड़ी जिम्मेदारी: नोएडा जैसे हाई-प्रोफाइल और शहरी ज़ोन में कानून-व्यवस्था संभालना एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
- विशेष अनुभव: इससे पहले प्रीति यादव ने महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभागों में काम किया है। उनका यह पिछला अनुभव नोएडा ज़ोन 1 में पब्लिक सेफ्टी और क्राइम कंट्रोल करने में बेहद काम आने वाला है।






