किसान के बेटे ने बताया कि सूदखोर आए दिन घर आ जाता था और धमकी देता। वह हमारी जमीन और मकान मांग रहा था। कई बार उसे पैसे दिए भी गए लेकिन उसने साढ़े तीन लाख रुपए का दो करोड़ का बकाया निकाल दिया। 

करौली : राजस्थान (Rajasthan) के करौली (Karauli) जिले से बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। एक किसान को इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि सूदखोर उससे साढ़े तीन लाख के लोन के बदले दो करोड़ रुपए से भी ज्यादा मांग रहा था। सूदखोर लगातार किसान के घर आता, धमकाता और रुपए वसूलने की धमकी देता था। परेशान होकर किसान ने जान दे दी। बुधवार देर रात किसान के परिजनों ने सूदखोर समेत तीन पर केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आज सूदखोर को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है।

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12 साल पहले लिया था कर्ज
नादौती स्थित सोप गांव के रहने वाले 55 साल के किसान कमलराम मीणा ने अपनी जान दे दी। कमलराम मीणा ने करीब 12 साल पहले गांव में ही रहने वाले सूदखोर भरोसी लाल मीणा से करीब तीन लाख पचास हजार रुपए उधार लिए थे। उसने कई बार कुछ रकम लौटाई भी और कई बार तो खड़ी फसल तक उसके नाम कर दिया लेकिन सूदखोर की नीयत खराब थी। किसान कमलराम मीणा के बेटे हरिचरण ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले भी भरोसी लाल घर आया था और धमकाया था, कल फिर घर आया और पिता को धमकाना चाहा। लेकिन पिता घर पर नहीं थे। बेटे को ही भरोसी और उसकी पत्नी ने धमकाया कि अगर पैसे दे नहीं सकते तो लेते क्यों हो?

हमारी 30 बीघा जमीन पर थी नजर
किसान के बेटे हरिचरण ने पुलिस को बताया कि सूदखोर हमारी 30 बीघा जमीन पर नजर रखता था। वह कह रहा था कि 30 बीघा जमीन और साथ में बना हुआ मकान नाम कर दो तो दो करोड़ का हिसाब हो जाएगा। हरिचरण ने पुलिस को बताया कि पिता उसे 18 से 20 बीघा तक जमीन देने को तैयार थे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। किसान के बेटे ने इस बारे में बुधवार शाम अपने पिता को जानकार दी, उसके बाद पिता घर से चले गए। पता चला 200 मीटर दूरी पर खेत में बने एक पेड़ से लटककर उन्होंने जान दे दी। इस घटना के बाद से सूदखोर गायब है। पुलिस ने उसके परिजनों को जल्द ही हिसाब के साथ सूदखोर को थाने भेजने को कहा है।

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