राजस्थान में रेलवे पुल  उड़ाने वाले केस में पकड़ाए आरोपी। बताया कि पुल बनाने के चक्कर में जमीन चली गई मुआवजा नही मिला तो अपने भाइयों के साथ मिलकर की साजिश। घटना के बाद डरकर दो दिन तक कमरे में बंद रहे, बंद कर लिया था फोन भी पर गिरफ्त में आए।

उदयपुर (udaipur). राजस्थान के उदयपुर जिले के ओढ़ा में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के मामले में आखिरकार राजस्थान की एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएस ने इस मामले में तीन भाइयों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने मुआवजा नहीं मिलने की बात को लेकर इस पूरी साजिश को अंजाम रचा और फिर ब्लास्ट करने के लिए जिलेटिन और अन्य सामान भी आसपास के इलाकों से ही खरीदा। घटना के बाद आरोपी उदयपुर के एकलिंगपुरा में ही अपने रिश्तेदार के यहां एक कमरे में छिपे बैठे थे। जिन्होंने पकड़े जाने के डर से 2 दिन फोन भी बंद रखा था।

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लगा था आतंकी साजिश है, पर असली बात कुछ और ही निकली
आपको बता दें कि इस मामले में पहले आतंकी मॉड्यूल जैसी साजिश होना भी सामने आया था। जिसके बाद एनआईए एसओजी जैसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी जांच करने के लिए यहां आई थी। लेकिन जिस तरीके से जिलेटिन को ब्लास्ट के लिए काम में लिया गया। तो इन जांच एजेंसियों को पता चल गया कि इसमें कोई स्थानीय लोग भी शामिल है। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने इसकी जांच बंद कर दी। एटीएस और एसओजी लगातार इस पर नजर बनाए रखी। इस दौरान वहां से गुजरने वाले सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिसके आधार पर तीन आरोपी फूलचंद, विष्णु और प्रकाश को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही एटीएस ने मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा है।

जमीन का मुआवजा नहीं मिलने पर किया ये कांड
पूछताछ में सामने आया है कि फूलचंद की जमीन इस ब्रिज को बनाने के लिए अधिग्रहित कर ली गई। जिसका उसे मुआवजा भी नहीं मिला। ऐसे में उसने अपने दोनों भाइयों प्रकाश और विष्णु के साथ मिलकर साजिश रची। अक्टूबर अंत में जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ब्रिज का उद्घाटन किया। फिर इसके बाद साजिश रच कर अपने इलाके से ही सामान खरीदा और फिर भाइयों के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक पर फिट कर दिया। हालांकि वह अपनी इस साजिश में पूरी तरीके से सफल नहीं हो सके। क्योंकि ग्रामीण धमाके की आवाज सुनकर वहां पहुंच चुके थे।

इरादा था सिर्फ रेलवे प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना
तीनों आरोपी किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे उनका मकसद केवल और केवल रेलवे की प्रॉपर्टी का नुकसान करना था। अब तक की पूछताछ में सामने आया हैं कि मुख्य आरोपी फूलचंद पहले किसी माइंस में काम किया हुआ है। जिसे ब्लास्ट के तरीके ही पता था। ऐसे में उसने बड़ी सोच से इस तरीके की वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को उदयपुर पुलिस ने गिरफ्त में लिया हुआ है।

आरोपी ने पहले दी थी धमकी, रेलवे अधिकारियों ने हल्के में लिया
पूछताछ के सामने आया हैं कि इन आरोपियों ने रेलवे के अधिकारियों को प्रोजेक्ट का काम शुरू होने के साथ ही धमकी भी दे दी थी। लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने इस मामले को हल्के में लिया। मुख्य आरोपी फूलचंद पिछले काफी समय से बेरोजगार था। यहां तक कि उसने इस बारे में अपने घर पर भी नहीं बताया कि वह ब्लास्ट करने जा रहा है।

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