Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर सभी लोग अपने-अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। अगर गुरु न हो तो किसकी पूजा करें, ये प्रश्न सभी के मन में उठता है?

Guru Purnima Significance: धर्म ग्रंथों में आषाढ़ पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि इसी तिथि पर पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। बहुत से लोगों के कोई गुरु नहीं होते, इस स्थिति में वे किसकी पूजा करें, ये सवाल उनके मन में आता है? ऐसी स्थिति के लिए भी हमारे विद्वानों ने उपाय बताया है। आगे जानिए गुरु न हो तो गुरु पूर्णिमा पर किसकी पूजा कर सकते हैं…

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महर्षि वेदव्यास की पूजा करें

महर्षि वेदव्यास के जन्म दिवस को ही गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। ये भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक हैं। महर्षि वेदव्यास ने ही महभारत आदि कईं प्रमुख ग्रंथों की रचना की। ऐसी मान्यता है कि महर्षि वेदव्यास आज भी जीवित हैं। गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास के चित्र को स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करें। इससे आपको गुरु पूजन का पूरा फल मिलेगा।

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देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें

पुराणों के अनुसार, बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। इसलिए इन्हें संपूर्ण मानव समाज का गुरु भी माना जाता है। गुरु पूर्णिमा पर इनकी पूजा भी कर सकते हैं। देवगुरु बृहस्पति को पीले फूल, पीले वस्त्र विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं। इनकी पूजा से गुरु ग्रह से संबंधित शुभ फल मिलते हैं और लव लाइफ की परेशानियां भी दूर होने लगती हैं।

माता-पिता की पूजा करें

व्यवहारिक दृष्टिकोण से देखें तो माता-पिता ही संसार के पहले गुरु हैं क्योंकि जीवन की शुरूआत में ये ही हमें अच्छे-बुरे का ज्ञान देते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर इनकी पूजा करने से भी गुरु पूजन का फल मिलता है। माता-पिता की पूजा करने से सभी देवताओं की पूजा स्वत: ही हो जाती है।

शिक्षकों की पूजा करें

जरूरी नही है कि गुरु पूर्णिमा पर धार्मिक और आध्यात्मिक गुरुओं की पूजा ही करें, आप अपने स्कूल, कॉलेज या कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक का भी सम्मान कर सकते हैं। ये सम्मान ही उनकी पूजा है। इससे भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

भगवान को गुरु मानकर पूजा करें

गुरु पूर्णिमा पर आप किसी भी भगवान को अपना गुरु मानकर पूजा कर सकते हैं। इस दिन सबसे ज्यादा लोग हनुमानजी की पूजा करते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी अमर हैं और आज भी पृथ्वी पर किसी गुप्त स्थान पर रहकर तपस्या कर रहे हैं।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।