Sourav Ganguly ICC Hall of Fame: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को ICC Hall of Fame में शामिल किया गया है। जन्मदिन के मौके पर मिले इस सम्मान पर गांगुली ने ICC और चेयरमैन जय शाह का आभार जताया। जानिए उनके करियर की बड़ी उपलब्धियां और इस सम्मान का महत्व।

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली के लिए उनका 54वां जन्मदिन बेहद खास बन गया। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उन्हें प्रतिष्ठित ICC Hall of Fame में शामिल किया है। इस सम्मान के बाद गांगुली ने ICC और चेयरमैन जय शाह का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके क्रिकेट जीवन का बेहद गौरवपूर्ण पल है।

सोशल मीडिया पर जताई खुशी, जय शाह और ICC को कहा धन्यवाद

सौरव गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि ICC Hall of Fame में शामिल होना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने ICC और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल होना गर्व की बात है, जिन्हें यह सम्मान मिला है। गांगुली ने कहा कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की सूची का हिस्सा बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए यादगार उपलब्धि है।

ICC Hall of Fame की शुरुआत 2009 में ICC के शताब्दी वर्ष के अवसर पर की गई थी। इसमें वही खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के कम से कम पांच वर्ष पूरे कर लिए हों।

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कप्तान के रूप में बदल दी भारतीय क्रिकेट की तस्वीर

सौरव गांगुली ने भारतीय टीम की कमान ऐसे दौर में संभाली थी, जब क्रिकेट कई चुनौतियों से गुजर रहा था। उन्होंने टीम में आक्रामक सोच, आत्मविश्वास और विदेशी सरजमीं पर जीत का जज्बा पैदा किया। उनकी कप्तानी में भारत ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती और 2004 में पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज अपने नाम की।

इसके अलावा भारत ने उनके नेतृत्व में 2000 ICC नॉकआउट ट्रॉफी और 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया।

युवा खिलाड़ियों को दिया बड़ा मंच

'गॉड ऑफ ऑफसाइड' के नाम से मशहूर गांगुली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 424 मैचों में 18,575 रन बनाए। इसमें 38 शतक और 107 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 113 टेस्ट में 7,212 और 311 वनडे में 11,363 रन बनाए।

गांगुली की सबसे बड़ी विरासत सिर्फ उनके रन नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों पर जताया गया भरोसा भी रहा। महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, जहीर खान, इरफान पठान और गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ियों को उन्होंने शुरुआती मौके दिए, जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ICC Hall of Fame में शामिल होना उनके इसी शानदार योगदान की बड़ी पहचान माना जा रहा है।