कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर लवलिना बोरगोहेन ने भारत का पहला पदक पक्का किया। 75 kg वर्ग में सीधे सेमीफ़ाइनल में जगह मिलने से उनका कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है। वह उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक भी होंगी।
ग्लास्गो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। देश की स्टार बॉक्सर और ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलिना बोरगोहेन ने रिंग में उतरे बिना ही भारत का पहला मेडल पक्का कर लिया है। लवलिना को महिलाओं के 75 किलोग्राम मिडिलवेट कैटेगरी में सीधे सेमीफ़ाइनल में जगह मिल गई है। कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग का नियम है कि सेमीफ़ाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज़ मेडल दिया जाता है। इस लिहाज़ से सेमीफ़ाइनल में पहुंचते ही लवलिना का कम से कम ब्रॉन्ज़ मेडल तो पक्का हो ही गया है।
दरअसल, इस बार महिलाओं की 75 किलो वेट कैटेगरी में सिर्फ पांच ही बॉक्सर हिस्सा ले रही हैं। टॉप सीड होने की वजह से लवलिना समेत तीन खिलाड़ियों को ड्रॉ में 'बाई' मिला, यानी उन्हें सीधे सेमीफ़ाइनल का टिकट मिल गया। बाकी दो बॉक्सर क्वार्टर फ़ाइनल में एक-दूसरे से भिड़ेंगी। लवलिना का पहला मुकाबला 31 जुलाई को सेमीफ़ाइनल में फिजी की बॉक्सर टी।के।बी।पी। ताफाकी से होगा। अगर लवलिना यह मैच जीत जाती हैं, तो वो गोल्ड मेडल के लिए फ़ाइनल में उतरेंगी। अगर हार भी जाती हैं, तो भी ब्रॉन्ज़ मेडल लेकर ही घर लौटेंगी।
लवलिना होंगी भारत की ध्वजवाहक, टीम का बढ़ा हौसला
असम से आने वाली लवलिना बोरगोहेन गुरुवार को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की ध्वजवाहक भी होंगी। गेम्स शुरू होने से ठीक पहले मेडल पक्का होने की इस खबर ने पूरी भारतीय टीम में जोश भर दिया है।
यह मेडल भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार ग्लास्गो गेम्स में सिर्फ 10 खेलों को ही शामिल किया गया है। बर्मिंघम गेम्स में भारत को 28 मेडल दिलाने वाले खेल जैसे कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और क्रिकेट इस बार गेम्स का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में हर एक मेडल भारत की टैली के लिए बेहद कीमती है।
