VAR Controversy: पेरिसिच के क्रॉस पर गेंद क्रोएशियाई मिडफील्डर इगोर मैटानोविच के सिर से हल्की सी छू गई थी। 'स्निकोमीटर' जांच में यह साफ हुआ, जिसके बाद VAR ने गोल को ऑफसाइड करार दे दिया।

टोरंटो: वर्ल्ड कप नॉकआउट राउंड में पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच हुआ मुकाबला आखिरी पलों में बेहद नाटकीय हो गया। इंजरी टाइम के आखिरी लम्हों (103वें मिनट) में क्रोएशिया के खिलाड़ी योस्को ग्वारडियोल ने बराबरी का गोल दाग दिया था, लेकिन VAR जांच के बाद रेफरी ने उसे रद्द कर दिया। इस एक फैसले ने क्रोएशिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और पुर्तगाल 2-1 से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया। आइए समझते हैं कि फुटबॉल की दुनिया में बहस छेड़ देने वाले इस फैसले के पीछे की तकनीकी वजह क्या थी।

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103वें मिनट का वो नाटकीय पल

मैच में पुर्तगाल 2-1 से आगे था और क्रोएशिया आखिरी मिनटों में गोल के लिए पूरी ताकत से हमला कर रहा था। इवान पेरिसिच ने बॉक्स में एक शानदार क्रॉस दिया, जिसे लेने के लिए मारियो पासालिच आगे बढ़े। इसी दौरान पुर्तगाल के डिफेंस में अफरातफरी मच गई। इस खींचतान के बीच गेंद योस्को ग्वारडियोल को मिली और उन्होंने उसे पुर्तगाल के गोलपोस्ट में डाल दिया। क्रोएशियाई टीम ने जश्न मनाना शुरू ही किया था कि रेफरी ने VAR जांच का इशारा कर दिया।

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VAR में 'स्निकोमीटर' तकनीक से पता चला कि जब पेरिसिच ने क्रॉस दिया, तो गेंद क्रोएशिया के मिडफील्डर इगोर मैटानोविच के सिर से बहुत हल्की सी छू गई थी। जिस पल गेंद मैटानोविच के सिर से छुई, उस वक्त उनके साथी खिलाड़ी पासालिच पुर्तगाल के डिफेंडरों से आगे, यानी साफ-साफ ऑफसाइड पोजीशन में थे। मैटानोविच के सिर से लगने के बाद गेंद पुर्तगाली डिफेंडर रेनाटो वेगा के सिर से भी टकराई। फुटबॉल का नियम कहता है कि अगर कोई डिफेंडर जानबूझकर गेंद को खेलने की कोशिश करता है और गेंद ऑफसाइड पोजीशन में खड़े विरोधी खिलाड़ी के पास चली जाती है, तो उसे ऑफसाइड नहीं माना जाता।

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लेकिन यहां रेफरी ने पिच के किनारे मॉनिटर पर रीप्ले देखने के बाद फैसला दिया कि वेगा ने गेंद को जानबूझकर नहीं खेला था, बल्कि गेंद बस उनसे टकराकर छिटक गई थी (जिसे डिफ्लेक्शन कहते हैं)। क्योंकि पासालिच, मैटानोविच के पहले टच के समय ऑफसाइड थे और पुर्तगाली खिलाड़ी का टच जानबूझकर नहीं था, इसलिए रेफरी ने गोल को रद्द कर दिया।

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विवादों में रही पेनल्टी भी

मैच के 68वें मिनट में पुर्तगाल को मिली पेनल्टी भी एक बड़ा VAR फैसला था। रीप्ले में साफ दिखा कि क्रोएशिया के बॉक्स में कॉर्नर किक को डिफेंड करते हुए क्रोएशियाई खिलाड़ी निकोला व्लासिच ने पुर्तगाल के रेनाटो वेगा की जर्सी खींचकर उन्हें नीचे गिरा दिया था। इसके बाद मिली पेनल्टी को क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आसानी से गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ ही 41 साल और 147 दिन के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड भी बना दिया। वह फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में गोल करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। रोनाल्डो ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी पेपे का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में 39 साल की उम्र में स्विट्जरलैंड के खिलाफ गोल किया था। इसके अलावा, रोनाल्डो 40 की उम्र के बाद वर्ल्ड कप नॉकआउट में गोल करने वाले इतिहास के पहले खिलाड़ी भी हैं।

प्री-क्वार्टर में 'यूरोपियन क्लासिक'

मैच में 53वें मिनट में इवान पेरिसिच के गोल से क्रोएशिया ने बढ़त बनाई थी, लेकिन रोनाल्डो की पेनल्टी और फिर 94वें मिनट में गोंसालो रामोस के शानदार हेडर गोल ने पुर्तगाल को 2-1 से जीत दिला दी। अब प्री-क्वार्टर फाइनल के बड़े मुकाबले में पुर्तगाल का सामना स्पेन से होगा।

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