मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ₹8,300 करोड़ के 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' कार्यक्रम की शुरुआत की। सात साल की इस योजना में EV, पौधारोपण, यमुना पुनर्जीवन और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर रहेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्व बैंक (World Bank) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' (Delhi Clean Air Program) ओरिएंटेशन वर्कशॉप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक और समयबद्ध रणनीति पर काम कर रही है। यह कार्यक्रम आने वाले सात वर्षों तक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई बड़े कदमों को एक साथ लागू करेगा।
₹8,300 करोड़ की परियोजना से बदलेगी दिल्ली की हवा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' कार्यक्रम लगभग ₹8,300 करोड़ की लागत वाला सात वर्षीय मिशन है। इस परियोजना में 65 प्रतिशत वित्तीय सहयोग विश्व बैंक देगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से राजधानी में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही तकनीक आधारित निगरानी, प्रदूषण नियमों का सख्त पालन, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तय समय सीमा में कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की नई रणनीति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। सरकार की नई रणनीति में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना और हरित क्षेत्र का विस्तार शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सभी विभागों को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा।
नई EV Policy और इलेक्ट्रिक बसों पर रहेगा विशेष फोकस
दिल्ली सरकार की योजना के तहत नई EV Policy को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले पारंपरिक वाहनों पर निर्भरता कम हो सके। सरकार पूरे शहर में 32,000 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम करेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
धूल, कचरा जलाने और यमुना प्रदूषण पर होगा सख्त नियंत्रण
कार्यक्रम के तहत निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार 70 लाख पौधारोपण अभियान चलाएगी, जिससे हरित क्षेत्र बढ़ेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही यमुना नदी के पुनर्जीवन (Yamuna Rejuvenation) अभियान को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि राजधानी के पर्यावरण को समग्र रूप से बेहतर बनाया जा सके।
विश्व बैंक के सहयोग से लागू होगी आधुनिक तकनीक
इस कार्यक्रम में विश्व बैंक तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर सहयोग करेगा। आधुनिक तकनीक की मदद से प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।
'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' ओरिएंटेशन वर्कशॉप में इन नेताओं और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री पर्वेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मंजींदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। वहीं विश्व बैंक के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर स्वच्छ हवा के लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। खासकर सर्दियों के मौसम में AQI गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है। ऐसे में आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित विकास, बेहतर निगरानी और विभिन्न विभागों के समन्वय पर आधारित यह कार्यक्रम राजधानी में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


