दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को एक खत लिखा है। इसमें उन्होंने 8.8 किलोमीटर लंबी मंडी रोड को नेशनल हाईवे का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सड़क दिल्ली को गुरुग्राम और फरीदाबाद से जोड़ने के लिए बहुत ज़रूरी है और इसका विकास NHAI को करना चाहिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने मांग की है कि दक्षिण दिल्ली की रणनीतिक रूप से अहम मंडी रोड को नेशनल हाईवे घोषित किया जाए। साथ ही, इसके विकास का काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंप दिया जाए।
एक अहम ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर
अपने खत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया है कि करीब 8.8 किलोमीटर लंबी मंडी रोड दिल्ली-NCR इलाके का एक बहुत ज़रूरी ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर है। यह सड़क छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास मेहरौली-गुरुग्राम रोड (NH-148A) को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ती है।
दिल्ली की CM ने कहा कि यह रास्ता राजधानी दिल्ली को गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पड़ोसी आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है। साथ ही, राज्यों के बीच ट्रैफिक की आवाजाही को आसान बनाने में भी यह एक बड़ी भूमिका निभाता है।
UTTIPEC भी दे चुका है मंजूरी
उन्होंने अपने खत में जिक्र किया कि यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर (UTTIPEC) की गवर्निंग बॉडी ने भी मंडी रोड की अहमियत को माना है। 27 सितंबर, 2023 को हुई अपनी 68वीं बैठक में UTTIPEC ने इस सड़क को चौड़ा करने और इसके पूरे विकास के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
NHAI को क्यों मिले ज़िम्मेदारी?
CM रेखा गुप्ता ने कहा कि इस कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत, मौजूदा और भविष्य की ट्रैफिक ज़रूरतों और नेशनल हाईवे-148A से सीधे जुड़ाव को देखते हुए, मंडी रोड को NHAI के दायरे में लाया जाना चाहिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से गुजारिश की कि मंडी रोड को नेशनल हाईवे घोषित किया जाए और इसके विकास की ज़िम्मेदारी NHAI को सौंपी जाए। इससे एक इंटीग्रेटेड प्लान तैयार किया जा सकेगा, एक जैसे इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड अपनाए जा सकेंगे और इस अहम कॉरिडोर का समय पर अपग्रेडेशन सुनिश्चित हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले रोज़ाना के यात्रियों को बेहतर और आसान ट्रैफिक की सुविधा मिलेगी। इससे दिल्ली-NCR में कनेक्टिविटी और मज़बूत होगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई रफ़्तार मिलेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अहम कॉरिडोर के विकास को आगे बढ़ाने में लगातार सहयोग मिलता रहेगा।
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