दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों को उनका हक और सम्मान मिला है। उन्होंने नई सफाई मशीनों, महिलाओं के लिए 'पिंक कार्ड' और 'लखपति बेटियां' जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों को उनका असली सम्मान मिला है। उन्होंने बताया कि पहले इन कर्मचारियों की दिक्कतों को नजरअंदाज किया जाता था। सफाई कर्मचारियों के लिए लगाए गए एक सुरक्षा और सम्मान कैंप में बोलते हुए सीएम गुप्ता ने कहा, "पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद सफाई कर्मचारियों को वह सम्मान मिला, जिसके वे हकदार थे। पीएम मोदी ने खुद इन कर्मचारियों के साथ बैठकर उनकी परेशानियां समझीं।"
सफाई कर्मचारियों के लिए दिल्ली सरकार के कदम
अपनी सरकार के कामों का जिक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि डीप क्लीनिंग हो या आम सफाई, यह जिम्मेदारी कर्मचारियों को दी गई है। वहीं, उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई है। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी के विजन पर चलते हुए दिल्ली सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है। हमने 1,000 कूड़ा उठाने वाली मशीनों (लिटर-पिकर) के लिए बजट पास कर दिया है। कल ही कैबिनेट ने 70 बड़ी और 30 छोटी सफाई मशीनें खरीदने को भी मंजूरी दी है। हमारा मकसद है कि हर स्वच्छता मित्र पूरी लगन और जरूरी सुविधाओं के साथ अपना काम करे।"
नई मशीनों और तकनीक को मंजूरी
मंगलवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने छोटी सड़कों की सफाई के लिए 30 इलेक्ट्रिक मैकेनिकल रोड-स्वीपिंग मशीनें लगाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के साथ मिलकर प्रदूषण (PM2.5 और PM10) की निगरानी के लिए एक रियल-टाइम सिस्टम भी लगाया जाएगा।
महिलाओं और बेटियों के लिए खास योजनाएं
महिला सफाई कर्मचारियों के लिए शुरू की गई योजनाओं पर बात करते हुए सीएम ने कहा, "हमने दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए 'पिंक कार्ड' की व्यवस्था की है। इसके अलावा 'लखपति बेटियां' योजना के तहत, सरकार बेटियों के जन्म से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई के लिए उनके बैंक खातों में 1 लाख से 1.25 लाख रुपये तक जमा करेगी।"
नवजात बच्चों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप
सीएम ने यह भी ऐलान किया कि सरकार नवजात बच्चों के लिए एक 'ऑल-इन-वन' टेस्ट शुरू करेगी। इसमें 56 तरह के टेस्ट का एक पैकेज होगा, ताकि जन्म के समय ही पता चल सके कि बच्चे को कोई बीमारी तो नहीं है। सीएम ने बताया,
बाजार में इस तरह के टेस्ट के लिए करीब 10,000 रुपये लिए जाते हैं, लेकिन हमारी सरकार इसके लिए कोई पैसा नहीं लेगी।
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